शराब को खरीदना, मंगाना, उठाना या रखना हराम है, चाहे सिरका बनाने की नीयत से ही क्यों न हो।
कानपुर,ऑल इंडिया गरीब नवाज़ काउंसिल के तत्वावधान में माह-ए-सियाम हेल्पलाइन में पूछे गए सवालों के शरई जवाब प्रश्न: क्या सिरका बनाने के उद्देश्य से शराब की खरीद-फरोख्त कर सकते हैं?
उत्तर: शराब को खरीदना, मंगाना, उठाना या रखना हराम है, चाहे सिरका बनाने की नीयत से ही क्यों न हो।प्रश्न: अगर किसी दिन तरावीह की नमाज़ नहीं पढ़ सका तो क्या उसकी क़ज़ा कर सकते हैं?
उत्तर: अगर तरावीह की नमाज़ छूट गई तो उसकी क़ज़ा नहीं है, और अगर क़ज़ा की नीयत से पढ़ ली तो वह तरावीह नहीं होगी, बल्कि नफ़्ल मुस्तहब होगी।प्रश्न: क्या सख़्त बीमारी की वजह से रोज़ा छोड़ना जायज़ है या नहीं?उत्तर: अगर सख़्त बीमारी हो और रोज़ा रखने से जान को खतरा हो या बीमारी बढ़ने का प्रबल अनुमान हो, तो रोज़ा छोड़ना जायज़ है। इस वजह से वह गुनहगार नहीं होगा। सेहतमंद होने के बाद उसकी क़ज़ा रखना वाजिब है।
प्रश्न: तरावीह की नमाज़ बैठकर या कुर्सी पर पढ़ना कैसा है?उत्तर: बिना शरई उज़्र के तरावीह कुर्सी पर या बैठकर पढ़ना मकरूह है, बल्कि कुछ लोगों के नज़दीक तो होगी ही नहीं।माहे सियाम हेल्पलाइन में मुफ़्तियान-ए-किराम व उलेमा के राब्ताजाती और व्हाट्सऐप नंबरात:मुफ़्ती मोहम्मद इलियास ख़ाँ नूरी (मुफ़्ती आज़म कानपुर) – 9935366726
मौलाना मोहम्मद हाशिम अशरफ़ी –9415064822
मुफ़्ती मोहम्मद मेहताब आलम मिस्बाही 9044890301मौलाना फ़तह मोहम्मद क़ादरी – 9918332871 मुफ़्ती महमूद हस्सान अख़्तर अलीमी – 9161779931
मौलाना क़ासिम अशरफ़ी मिस्बाही 8052277015
मौलाना ग़ुलाम हसन क़ादरी – 7897581967
मुफ़्ती गुल मोहम्मद जामई अशरफ़ी – 8127135701
मौलाना सुफ़ियान मिस्बाही – 9519904761
हाफ़िज़ मोहम्मद अरशद अशरफ़ी – 8896406786
जनाब इक़बाल अहमद नूरी – 8795819161
