*कोविड में माता-पिता खो चुके बच्चों संग सजी होली, डीएम आवास पर खिलीं मुस्कानें*

 

कानपुर नगर।

 

होली की पूर्व संध्या पर जिलाधिकारी आवास में रंगों का दृश्य कुछ अलग था। अबीर-गुलाल से रंगे चेहरे, बच्चों की सहज हंसी और आत्मीय संवाद आयोजन उन बच्चों के नाम रहा, जिन्होंने कोविड-19 महामारी में अपने माता-पिता को खो दिया था। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना से जुड़े बच्चों को विशेष रूप से आमंत्रित कर उनके साथ होली की खुशियां साझा की गईं।

 

जनपद में योजना से 22 बच्चे लाभान्वित हैं। इनमें से 10 बच्चे अपने परिजनों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे, जबकि शेष 12 बच्चों के घरों पर पिचकारी, रंग, नए कपड़े और मिठाई सहित उपहार भिजवाए गए।

 

जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी रश्मि सिंह ने बच्चों को अबीर-गुलाल लगाकर होली की बधाई दी। इसके बाद वे बच्चों के बीच बैठ गए। किसी से पढ़ाई के विषय पूछे, किसी से भविष्य का सपना। एक बच्चे ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई तो दूसरे ने इंजीनियर बनने का लक्ष्य बताया। जिलाधिकारी ने उनकी प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा, मार्गदर्शन या किसी भी जरूरत में प्रशासन पूरी जिम्मेदारी के साथ साथ रहेगा और इन बच्चों को आगे बढ़ने के हर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

 

कार्यक्रम में औपचारिकता से अधिक आत्मीयता दिखी। बातचीत सीधे बच्चों से हुई। रंगों के बीच उनके चेहरों पर आत्मविश्वास और प्रसन्नता की झलक दिखाई दी। जिन बच्चों ने असमय अभिभावकीय साया खोया, उनके लिए यह आयोजन केवल त्योहार नहीं, बल्कि भरोसे का एक मजबूत आधार बनकर उभरा।

 

उल्लेखनीय है कि दीपावली पर भी जिला प्रशासन ने इन्हीं बच्चों के साथ त्योहार मनाया था। त्योहारों के माध्यम से यह निरंतर संपर्क प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि संरक्षण केवल योजना तक सीमित नहीं, बल्कि व्यवहार में भी दिखे।

 

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कानपुर की होली अपनी सांस्कृतिक परंपरा और आपसी सद्भाव के लिए जानी जाती है। उन्होंने अपील की कि पर्व को शांति, संयम और जिम्मेदारी के साथ मनाएं। रंगों का यह त्योहार तभी सार्थक है जब उसकी खुशियां समाज के हर उस बच्चे तक पहुंचें, जिसे सहारे की जरूरत है।

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