कानपुर

 

होली का त्योहार आते ही कानपुर का माहौल पूरी तरह रंगीन हो जाता है, लेकिन शहर के आर्य नगर चौराहे पर मनाई जाने वाली कपड़ा फाड़ होली सबसे अलग मानी जाती है. होली के दिन सुबह से ही यहां लोगों की भीड़ जुटने लगती है और देखते ही देखते पूरा चौराहा रंग, गुलाल और मस्ती से भर जाता है.आर्य नगर चौराहे पर शहर के अलग-अलग इलाकों से लोग पहुंचते हैं. जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती है, वैसे-वैसे होली की मस्ती भी बढ़ने लगती है.यहां लोग एक-दूसरे के कपड़े फाड़ते हैं और फिर उन कपड़ों को चौराहे के ऊपर लगी तारों में टांग देते हैं. कुछ ही देर में पूरा चौराहा फटे कपड़ों से सज जाता है और यह नजारा देखने लायक होता है।

कपड़ा फाड़ होली के दौरान आर्य नगर चौराहे पर डीजे की धुन भी गूंजती रहती है.जैसे ही बॉलीवुड के होली गीत बजते हैं, लोग रंग और गुलाल उड़ाते हुए जमकर डांस करने लगते हैं. हर तरफ हंसी, मस्ती और उत्साह का माहौल दिखाई देता है.युवा, बुजुर्ग और बच्चे सभी इस अनोखी होली का हिस्सा बनते हैं.कई लोग तो खासतौर पर पुराने कपड़े पहनकर ही यहां पहुंचते हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि यहां आने के बाद कपड़े फटने तय हैं, लेकिन यही इस परंपरा की असली पहचान भी है और लोग इसे पूरी मस्ती के साथ निभाते हैं.आर्य नगर चौराहे पर कपड़ा फाड़ होली का यह उत्सव सिर्फ होली के दिन ही नहीं बल्कि गंगा मेला के दिन भी देखने को मिलता है. गंगा मेला कानपुर की पुरानी परंपरा है और उस दिन भी यहां रंग और मस्ती का वही माहौल बन जाता है. इस अनोखी होली को देखने के लिए आसपास के इलाकों और दूसरे शहरों से भी लोग आर्य नगर चौराहे पर पहुंचते हैं. कई लोग सिर्फ इस परंपरा को देखने और इसकी तस्वीरें लेने के लिए यहां आते हैं.कानपुर के आर्य नगर चौराहे की कपड़ा फाड़ होली अब शहर की पहचान बन चुकी है. रंगों, संगीत और मस्ती के बीच खेली जाने वाली यह होली हर साल हजारों लोगों को अपनी ओर खींचती है और पूरे शहर को उत्साह से भर देती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *