प्रशासन के दावे साबित हुए खोखले
शहर में घरेलू गैस की भारी किल्लत,उपभोक्ता परेशान,
कानपुर में घरेलू गैस को लेकर हालात होते जा रहे हैं बेहद चिंताजनक
सत्ता पक्ष के बड़े-बड़े नेताओं और जिला प्रशासन के यह दावे कि शहर में गैस की कोई कमी नहीं है, सब बेबुनियाद और झूठे साबित हुए।जमीनी हकीकत पर जिम्मेदारों के समाज को दिए गए सहानुभूति संदेश पूरी तरह झूठे साबित हो रहे हैं। शहर के कई गैस एजेंसियों पर बुकिंग ठप पड़ी है और उपभोक्ता घंटों लाइन में लगने के बावजूद खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। ऐसे में सचान गैस सर्विस और कानपुर गैस सर्विस सहित कई गैस एजेंसियों के मोबाइल नंबर लगातार स्विच ऑफ बताए जा रहे हैं।जिससे उपभोक्ताओं को कोई जानकारी तक नहीं मिल पा रही है। वहीं इंडियन ऑयल की गैस बुकिंग व्यवस्था भी प्रभावित बताई जा रही है, जिसके कारण शहर के हजारों परिवार गैस सिलेंडर के लिए भटक रहे हैं।आरोप यह भी है कि कई एजेंसियों पर कालाबाजारी चरम पर है और जिम्मेदार अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।अशोक नगर निवासी नीलम सिंह सहित कई उपभोक्ताओं ने पहले ही भुगतान कर गैस बुक कराई, लेकिन कई दिनों बाद भी सिलेंडर नहीं मिला। हैरानी की बात यह है कि जहां कुछ एजेंसियां फोन बंद कर उपभोक्ताओं से दूरी बना रही हैं, उपभोक्ताओं के फोन तक नहीं उठा रहे हैं।ऐसे में उपभोक्ताओं का कहना है कि जब प्रशासन “गैस की कोई किल्लत नहीं” होने का दावा कर रहा है तो फिर बुकिंग क्यों बंद है और एजेंसी संचालक फोन स्विच ऑफ कर क्यों बैठे हैं। अब जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग ने भी चुप्पी साधी हुई है।
