उत्तर प्रदेश की SI की परीक्षा में एक प्रश्न के वैकल्पिक उत्तर में पंडित शब्द पर,विधायक ने अपनी असहमति, और जनभावनाओं के विरोध से, मा.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके लखनऊ आवास पर जाकर, उनसे भेंट करके उन्हें अवगत कराया और माँग करी कि,किसी भी समाज के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले लोगों पर कार्रवाई का आग्रह है। साथ ही यूजीसी(UGC) पर भी,आज पुनः विधायक ने, मा.मुख्यमंत्री जी को जन भावनाओं से अवगत कराया।

विधायक जी ने बताया कि महाराज जी ने उक्त विषयों को बहुत गंभीरता से लिया है।

मा.योगी जी ने विधायक से कहा कि प्रदेश सरकार ने,तत्काल इसे गंभीरता से लेकर ऐक्शन लिया है।चूँकि आयोग, प्रश्न पत्रों को सेट नहीं करता है,और पेपर लीक की संभावनाएं ना रहे, इसलिए इसे विशेष एजेंसियों के द्वारा विभिन्न पेपरों को सेट करने के लिए आयोग सुनिश्चित करता है,तथा प्रश्न पत्र तैयार करने की उन्हें जिम्मेदारी देता है।विधायक ने बताया कि,मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि, सख्ती के साथ स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि,भविष्य में भी, किसी भी धर्म,पंथ, मजहब, जाति, वर्ग पर, किसी भी परीक्षा का, कोई भी प्रश्न पत्र तैयार नहीं किया जाये,अन्यथा कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।किसी के भी कृत्य से, लोगों की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।योगी जी ने विधायक जी से कहा कि इससे पहले भी, सरकार ने एक फ़िल्म के आपत्ति जनक नाम पर, तत्काल कार्यवाही की थी।इस पर भी,एक्शन लिया है,और जल्दी परिणाम भी आयेगा।विधायक द्वारा यूजीसी(UGC) पर,पुनः संज्ञान देने पर, माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि, इसी प्रकार से UGC पर भी तत्काल ही,सरकार ने संज्ञान लिया है।हमारा संकल्प ही है कि,सबका साथ, सबका विकास,सबका विश्वास, सबका सम्मान, सबका प्रयास,हमारी सरकार का मूल मन्त्र है। हमारी सरकार बनने उपरांत 2017 से ही, उत्तर प्रदेश सरकार लगातार हमेशा ही, सभी समाज, सभी परंपराओं तथा सभी वर्गों के सम्मान की पछधर रही है, और सभी के हित के लिए काम भी कर रही है। हमारी सरकार द्वारा, किसी की भी भावनाओं को ठेश पहुंचाने का,कभी कोई उद्देश्य,ना तो कभी रहा है,ना ही कभी रहेगा।यही हमारी कार्य शैली है, जो सार्वजनिक है। प्रत्येक समाज की गरिमा और सम्मान, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और हम उसी अनुसार कार्य करेंगे।

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