*डिफेंस से लेदर तक निवेश की रफ्तार, कानपुर बन रहा नया औद्योगिक केंद्र*

– 12,800 करोड़ से ज्यादा डिफेंस निवेश प्रस्ताव, 5,850 करोड़ रुपए का लेदर क्लस्टर
– ग्लोबल समिट के एमओयू से बढ़ी उम्मीद, रोजगार के नए अवसर

कानपुर, 20 मार्च।
योगी सरकार के नौ साल में कानपुर में औद्योगिक निवेश को नई दिशा और रफ्तार मिली है। एक समय पारंपरिक उद्योगों तक सीमित रहा यह शहर अब डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स और नए निवेश प्रस्तावों के जरिए अपनी पहचान बदलता नजर आ रहा है।

डिफेंस कॉरिडोर, रमईपुर मेगा लेदर क्लस्टर और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत मिले बड़े निवेश प्रस्तावों ने कानपुर में औद्योगिक गतिविधियों को तेज किया है। बुनियादी ढांचे के विकास के साथ अब निजी निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ी है, जिससे आने वाले समय में उद्योगों के विस्तार और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद मजबूत हुई है।

*मेगा लेदर क्लस्टर से बड़ा बदलाव*
कानपुर के रमईपुर में प्रस्तावित मेगा लेदर क्लस्टर इस बदलाव की बड़ी कड़ी है। करीब 5,850 करोड़ रुपए के निवेश लक्ष्य वाली इस परियोजना के जरिए पारंपरिक चमड़ा उद्योग को आधुनिक और प्रदूषण नियंत्रित स्वरूप देने की तैयारी है। इसके विकसित होने पर बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर भी बनने की उम्मीद है।

*डिफेंस कॉरिडोर से खुला निवेश का रास्ता*
डिफेंस कॉरिडोर के कानपुर नोड में औद्योगिक निवेश की मजबूत नींव रखी गई है। यहां 12,800 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं और कई कंपनियों को जमीन आवंटित की जा चुकी है। शुरुआती चरण में सरकार ने करीब ₹23.94 करोड़ खर्च कर बुनियादी ढांचा तैयार किया, जिसके बाद अब निजी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है और कुछ इकाइयों में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

*ग्लोबल समिट से बढ़ी उम्मीदें*
2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान कानपुर नगर और देहात के लिए करीब 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव (एमओयू) साइन किए गए थे। इनमें टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, केमिकल और प्लास्टिक जैसे सेक्टर शामिल हैं, जिनके जमीन पर उतरने से निवेश का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है।

*इंफ्रास्ट्रक्चर से मिल रहा सहारा*
निवेश को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। मेट्रो विस्तार, लॉजिस्टिक्स हब और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से उद्योगों को सपोर्ट मिल रहा है, जिससे उत्पादन और सप्लाई चेन को बढ़ावा मिलेगा।

*एमएसएमई और ओडीओपी को बढ़ावा*
छोटे और मझोले उद्योगों को भी योजनाओं के जरिए सहारा मिल रहा है। ‘एक जनपद एक उत्पाद’ के तहत कानपुर के लेदर उत्पादों को पहचान मिली है, जिससे MSME सेक्टर को बाजार और सरकारी सहयोग मिल रहा है।

वर्जन:
योगी सरकार की नीतियों के चलते कानपुर में औद्योगिक निवेश को गति मिली है। डिफेंस कॉरिडोर और मेगा लेदर क्लस्टर जैसी परियोजनाओं के जरिए निवेश का आधार मजबूत हुआ है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और शहर की औद्योगिक पहचान और सशक्त होगी।
– जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी, कानपुर नगर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *