विश्व गौरैया दिवस,पीएसी के ‘पुलिस मॉडर्न स्कूल’ में ‘स्मार्ट ट्री’ व गौरैया संरक्षण अभियान का शानदार आग़ाज़
राष्ट्रीय संयोजक मनीष पांडेय ने भेंट किए घोंसले, ‘एक पेड़-एक बच्चा’ पहल और स्कूल की वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं की हुई सराहना
कानपुर (37वीं वाहिनी पीएसी): विश्व गौरैया दिवस के विशेष अवसर पर शुक्रवार को 37वीं वाहिनी पीएसी स्थित ‘पुलिस मॉडर्न स्कूल (PMS)’ में प्रकृति व पक्षी संरक्षण को लेकर एक सार्थक कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेनानायक श्री बी०बी० चौरसिया (IPS) के निर्देशन में हुए इस आयोजन में ‘*गौ-गौरैया संरक्षण समिति’ के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय संयोजक श्री मनीष पांडेय जी मुख्य अतिथि और श्री सिद्धार्थ द्विवेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
प्रधानाचार्य द्वारा अतिथियों का ‘ट्री-पॉट’ देकर स्वागत किया गया। बच्चों द्वारा बनाए गए घोंसलों की प्रदर्शनी देखकर श्री मनीष पांडेय जी बेहद प्रभावित हुए और विलुप्त हो रही गौरैया को बचाने के लिए उन्होंने अपनी ओर से स्कूल को 5 विशेष घोंसले भेंट किए।
आकर्षण का केंद्र: QR कोड और ‘एक पेड़-एक बच्चा’ अभियान
कार्यक्रम में स्कूल की अनूठी ‘स्मार्ट ट्री’ पहल छाई रही। वाहिनी के पेड़ों पर आकर्षक ‘QR कोड’ लगाए गए हैं। मोबाइल से स्कैन करते ही पेड़ की पूरी जानकारी और उसे गोद लेने वाले छात्र (वृक्ष मित्र) की फोटो स्क्रीन पर आ जाती है। यह छात्र रोज़ाना पेड़ पर लगे सकोरे में गौरैया के लिए दाना-पानी रखने के लिए ज़िम्मेदार होगा।बिना एडमिशन फीस के मिल रही हैं ‘वर्ल्ड-क्लास’ सुविधाएं
मुख्य अतिथि ने स्कूल के उस अनूठे ‘नो-प्रॉफिट’ मॉडल की भी जमकर तारीफ की, जिसके तहत ‘ज़ीरो एडमिशन फीस’ और मात्र ₹400 से ₹900 के मासिक शुल्क में बच्चों को सर्व-सुलभ शिक्षा दी जा रही है। स्कूल में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए ‘स्मार्ट कंप्यूटर लैब’, ‘इनोवेशन लैब’, ‘साइंस लैब’, ‘नन्हे कदम’ (क्रेच), ‘स्वर मंदिर’ (संगीत कक्षा) के साथ-साथ आधुनिक जिम (Gym), टेबल टेनिस, इनडोर-आउटडोर बैडमिंटन और स्पोर्ट्स ग्राउंड की बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो इसे महंगे प्राइवेट स्कूलों से भी बेहतर बनाती हैं।
जीवन में साधक बनें, बाधक नहीं” – *सेनानायक श्री बी०बी० चौरसिया*
*इसी क्रम में, जीटी रोड शिव कटरा मोड़ पर भी समिति द्वारा ‘गौरैया जन्मोत्सव’ का आयोजन किया गया। यहाँ मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सेनानायक श्री बी०बी० चौरसिया (IPS) ने गहरा संदेश देते हुए कहा कि प्रकृति में सबका साझा अधिकार है। उन्होंने कवि ठाकुर की पंक्तियों— “विधि के बनाए जेते जीव हैं जहाँ के तहाँ, खेलत-फिरत, उन्हें खेलन-फिरन देव*” का उल्लेख करते हुए समाज से अपील की कि हमें जीवों के जीवन में ‘साधक’ (मददगार) बनना चाहिए, ‘बाधक’ नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीव-जंतुओं के प्रति दया भाव के बिना मानवता अधूरी है। यहाँ भी संस्था अध्यक्ष मनीष पाण्डेय द्वारा गौरैया के कृत्रिम घोंसले वितरित किए गए।
कार्यक्रम के अंत में शिविरपाल श्री चंद्रेश्वर की उपस्थिति में वाहिनी के सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और बच्चों ने “गौरैया बचाओ, पर्यावरण बचाओ” का सामूहिक संकल्प लिया।
