उद्योगों को गैस आपूर्ति न होने से संकट गहराया, उद्यमियों ने प्रशासन के समक्ष रखीं समस्याएं
कानपुर। सरकार के नौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी देने तथा औद्योगिक समस्याओं पर चर्चा के उद्देश्य से मंगलवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जनपद के प्रमुख औद्योगिक संगठनों और उद्यमियों की एक गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक का आयोजन जिला उद्योग विभाग की ओर से किया गया था। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता प्रस्तावित थी, लेकिन उनके बैठक में शामिल न होने के कारण गोष्ठी की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी नगर डॉ. राजेश कुमार ने की। संचालन उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह ने किया।
गोष्ठी में उद्यमियों ने वर्तमान परिस्थितियों में उद्योगों के सामने आ रही गंभीर समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा। फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल ने कहा कि मेटल आधारित उद्योगों में निर्माण कार्य और मशीनों के पुर्जों के निर्माण के लिए गैस की आपूर्ति अनिवार्य है, लेकिन वर्तमान में गैस उपलब्ध न होने से अधिकांश इकाइयों का काम ठप होने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द गैस की आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो अगले 10 से 15 दिनों में उद्योगों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि कोविड काल की तरह उद्योग विभाग को विशेष अधिकार देकर धातु आधारित उद्योगों के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए।
पीआईए के आदर्श अग्रवाल ने रिहाई क्षेत्र में गैस कनेक्शन और आपूर्ति जल्द शुरू कराने की मांग की, ताकि एलपीजी सिलेंडरों पर बढ़ रहे दबाव को कम किया जा सके और उद्योगों को निरंतर आपूर्ति मिल सके। इस पर अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार ने जिला आपूर्ति अधिकारी और सीयूजीएल के अधिकारियों के साथ उद्यमियों की संयुक्त बैठक जल्द कराने के निर्देश दिए, जिससे समस्या का समाधान निकाला जा सके।
चकरी औद्योगिक क्षेत्र के उपाध्यक्ष अनिल कुमार चौरसिया ने बताया कि उद्योगों पर पहले से ही संकट है, ऐसे समय में नगर निगम द्वारा कई इकाइयों को कार्रवाई के नोटिस भेजे जा रहे हैं, जबकि यूपीएसआईडीसी और यूपीसीडा द्वारा पहले से ही मेंटेनेंस शुल्क लिया जा रहा है और नगर निगम को अलग से कोई शुल्क नहीं लेना चाहिए। इस पर अपर जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान ही जोन-2 के जोनल अधिकारी को ऐसे मामलों में कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए।
बैठक में शिवकुमार गुप्ता ने वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि खानपान और अन्य छोटे व्यवसायों से जुड़े लगभग पांच लाख लोगों की आजीविका इससे प्रभावित हो सकती है, इसलिए आपूर्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है।
आईआईए के अध्यक्ष आर.के. अग्रवाल ने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार इस स्थिति के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश जारी करे। वहीं उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष कपिल सब्बरवाल ने जीएसटी विभाग के सचल दल पर निर्यातकों और उद्यमियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार बिना मेमो काटे वाहनों को पकड़कर लखनपुर कार्यालय में कई दिनों तक खड़ा रखा जाता है, जिससे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी होती है।
पीआईए के बृजेश अवस्थी ने प्रस्ताव रखा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए औद्योगिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा एक विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो उद्यमियों की समस्याओं को सुनकर त्वरित समाधान सुनिश्चित कर सके। बैठक में विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों और उद्यमियों ने अपने सुझाव और समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं।

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