कानपुर बन रहा यूपी का नया ‘टूरिज्म हब’
– बिठूर की पावन धरा से घाटमपुर तक, हर तरफ दिख रहा विकास कार्य
– कुष्माण्डा देवी से खेरेश्वर धाम तक बदल गई मंदिरों की तस्वीर
– साल 2025-26 में कानपुर में 66 लाख से ज्यादा सैलानी आए
– मेस्कर घाट पर निर्मित आकर्षक गजीबो पर्यटकों के लिए सेल्फी पॉइंट और विश्राम का मुख्य केंद्र
– करीब 184 लाख रुपये से होगा पनकी हनुमान मंदिर के बाहरी भाग का सुंदरीकरण
कानपुर, 26 मार्च।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के पौराणिक और धार्मिक स्थलों को संवारने के अपने संकल्प को जमीन पर उतार रही है। इसी कड़ी में कानपुर के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के दिन बहुरने लगे हैं। कभी उपेक्षा का शिकार रहे बिठूर से लेकर घाटमपुर और बिल्हौर के प्राचीन मंदिरों तक, अब विकास की चमक साफ दिखाई दे रही है। मेस्कर घाट पर निर्मित आकर्षक गजीबो अब पर्यटकों के लिए सेल्फी पॉइंट और विश्राम का मुख्य केंद्र बन रहे हैं।
बिठूर: शिव मंदिर फसाड लाइटिंग है अद्भुत
क्रांति और अध्यात्म की धरती बिठूर अब एक नए रूप में पर्यटकों का स्वागत कर रही है। करीब 75 लाख रुपये की लागत से यहाँ घाटों की नींव मजबूत करने, आरसीसी रैंप बनाने, फ्लोरिंग और शानदार म्यूरल आर्ट (भित्ति चित्र) उकेरने का काम किया गया है। रात के समय हाईमास्ट लाइटों की रोशनी में गंगा का तट अब और भी भव्य नजर आता है। शिव मंदिर और हनुमान मंदिर में फसाड लाइटिंग आकर्षण का केंद्र है।
गजीबो है आकर्षण का केंद्र
शहर के मेस्कर घाट की तस्वीर भी अब बदल गई है। मेस्कर घाट पर निर्मित आकर्षक गजीबो अब पर्यटकों के लिए सेल्फी पॉइंट और विश्राम का मुख्य केंद्र बन रहे हैं। इतना ही नहीं, 93.24 लाख रुपये के बजट से यहाँ पर्यटकों के लिए शेल्टर, चेंजिंग रूम, सैंड स्टोन फ्लोरिंग और एक भव्य ‘वेलकम गेट’ तैयार किया गया है। इससे गंगा दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अब एक बेहतर अनुभव मिल रहा है।
पनकी हनुमान मंदिर का होगा सुंदरीकरण
पनकी हनुमान मंदिर के बाहरी भाग का सुंदरीकरण करीब 184 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा। इसके लिए पूरा प्रारूप तैयार का लिया गया है। बजट स्वीकृत हो गया है। वहीं,कल्याणपुर के मझियारी देवी मंदिर में ₹115.98 लाख से यात्री विश्राम हॉल, सीसी रोड, शौचालय, बाउंड्री वॉल और हाईमास्ट लाइट लगाई गई है। अकबरपुर के राम-सीता मंदिर में ₹44.49 लाख से सीसी टाइल्स और बाउंड्री बनाई गई है। कुडनी के हनुमान मंदिर में ₹95.77 लाख से हॉल, शौचालय, इंटरलॉकिंग, सोलर लाइट और लैंडस्केपिंग का काम किया गया है।
घाटमपुर के कुष्मांड देवी मंदिर में ₹90.63 लाख से यात्री हॉल, इंटरलॉकिंग और सोलर लाइट का काम हुआ है, वहीं मां भद्रकाली मंदिर में ₹98.65 लाख से विश्राम गृह, शौचालय, सोलर लाइट और साइनेज लगाए गए हैं।
अन्य प्रमुख विकास कार्य
इसी तरह सोमनाथ मंदिर में ₹79.34 लाख से ओपन हॉल, बाउंड्री वॉल, गेट और हरियाली विकसित की गई है। बिल्हौर के खेरेश्वर शिव मंदिर में ₹134.69 लाख से यात्री हॉल, आरओ वाटर कूलर, पत्थर के बेंच तैयार किए गए हैं। रावल देवी मंदिर और तालाब पर ₹104.74 लाख से विश्राम गृह, शौचालय, सोलर लाइट और हॉर्टिकल्चर का काम हुआ है, जबकि बाराही देवी मंदिर में ₹111.96 लाख से यात्री सुविधाएं, इंटरलॉकिंग और साइनेज लगाए गए हैं।
3 साल में पर्यटकों की संख्या दोगुनी बढ़ी
कानपुर में पर्यटन की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, जिसका प्रमाण पिछले तीन वर्षों के आंकड़े दे रहे हैं। साल 2023 में कुल 28.19 लाख भारतीय और 3,756 विदेशी पर्यटक आए, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 42.64 लाख भारतीय और 4,334 विदेशी सैलानी हो गई। साल 2025 में विकास कार्यों के दम पर रिकॉर्ड 66.98 लाख भारतीय और 3,931 विदेशी पर्यटकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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“सरकार की योजना के मुताबिक, कानपुर के सभी खास मंदिरों और ऐतिहासिक जगहों को बेहतर बनाया जा रहा है। बिठूर और घाटमपुर जैसी जगहों पर सुविधाएं बढ़ने से न सिर्फ पर्यटक बढ़े हैं, बल्कि स्थानीय लोगों को भी फायदा हो रहा है।”
– अर्जिता ओझा, जिला पर्यटन अधिकारी
“कानपुर नगर को पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता है। शासन के निर्देशानुसार बिठूर से लेकर घाटमपुर और बिल्हौर तक के सभी प्रमुख पौराणिक और ऐतिहासिक स्थलों का कायाकल्प किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचा सुधारना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है। कानपुर अब औद्योगिक नगरी के साथ-साथ एक प्रमुख ‘टूरिज्म हब’ के रूप में उभर रहा है।”
— जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी, कानपुर नगर
