आज रामनवमी के शुभ अवसर पर अखंड सनातन मंच द्वारा शंकराचार्य नगर निकट यशोदा नगर में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की आरती व भजन संध्या का आयोजन किया गया आयोजन में शिवम पांडे तथा उनके अन्य साथियों द्वारा प्रभु श्री राम के सुंदर-सुंदर, मधुर-मधुर भजनों का प्रस्तुति दी गई । इसके पूर्व कुशल आचार्यों द्वारा प्रभु श्री राम का पूजन तथा उनके जीवन चरित्र पर चर्चा की गई । मर्यादा पुरुषोत्तम कौशल्या नंदन भगवान श्री राम ने किस तरह समस्याओं से जूझते हुए तथा स्वयं को नियम तथा सिद्धांतों की सीमाओं में रखते हुए समस्याओं का निराकरण किया । प्रभु श्री राम की पितृ भक्ति, मातृ भक्ति, भाई प्रेम कितना अलौकिक और दिव्य है, निर्बल तथा असहाय को लेकर मन में कितनी पीड़ा है, इसका वर्णन करना और उनके बताए हुए सिद्धांतों पर चलना आम जनमानस के लिए बहुत दुष्कर तथा अवश्यंभावी है कार्यक्रम संयोजक तथा सनातन मंच के संयोजक विनय अवस्थी ने कहा कि जिस तरह से पूरा देश श्री कृष्ण जन्माष्टमी को मानता है रात्रि 12:00 बजे जिस तरह से हर घर में घंटे घड़ियाल बजते हैं विभिन्न प्रकार के मिष्ठान और पंचामृत का भोग लगता है तरह-तरह की झांकियां घरों में मंदिरों में सजाई जाती हैं उतनी ही व्याकुलता और उत्साह और उल्लास प्रभु श्री राम के जन्मदिन पर क्यों नहीं दिखाई देता सिर्फ कुछ गिने चुने मंदिरों में और कुछ धार्मिक तथा राजनीतिक संगठनों द्वारा ही प्रभु श्री राम का जन्मदिन मनाया जाता है यहां तक की कई ऐसे मंदिर हैं जो प्रभु श्री राम, माता जानकी, तथा भगवान लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न के लिए नाम पर तो बने हैं किंतु उनमें भी ज्यादातरयं साफ सफाई सजावट घंटा घड़ियाल की ध्वनि सुनाई नहीं देती हम सभी सनातनी भाइयों को चाहिए कि भगवान श्री राम की जयंती के दिन अपने-आप ने घरों में कम से कम 11 दीपक जलाए जाएं, घंटा बजे, घड़ियाल बजे, भोग प्रसाद लगे, शंख ध्वनि हो, जय-जय होणंू कार किया जाए जिससे कि पूरे विश्व में प्रभु श्री राम के जन्म का संदेश प्रत्येक कानों तक पहुंचे भजन संध्या के उपरांत मातृ शक्ति द्वारा लाई गई सुसज्जित थालियों द्वारा प्रभु श्री राम की भव्यतम आरती उतारी गई । कार्यक्रम पश्चात जय जय श्री राम का उद्घोष हुआ और वातावरण राममय हो गया । कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राकेश द्विवेदी, अलख नाथ तिवारी, राधेश्याम शुक्ल, डीके मिश्रा, सर्वेंद्र अग्निहोत्री, शिव शंकर बाजपेई, चंद्र प्रकाश गुप्ता, अनुराग शुक्ला, सुमित तिवारी, राजेंद्र शुक्ला, रवींद्र शुक्ला, आदि सम्मिलित रहे ।

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