स्वयंसेवकों को प्रेरणा व उर्जा देते हैं गीत- श्याम बाबू

 

कानपुर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के साथ ही देशभक्ति गीतों का शाखा में समावेश हुआ। गीतों का मानव जीवन में अत्यधिक महत्व है। गीत स्वयंसेवकों को प्रेरणा व उर्जा देते हैं।

उक्त विचार विभाग संघ चालक श्याम बाबू गुप्त ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कानपुर दक्षिण भाग द्वारा रविवार को सरस्वती विद्या मन्दिर दामोदर नगर में आयोजित गीतांजलि कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि गीत लिखने वालों को सभी नहीं जानते लेकिन गीतों के भाव स्वयंसेवकों के अन्दर लम्बे समय तक संस्कार देते हैं। गीताजंलि में 13 नगरों के दो-दो एकल एवं एक गणगीत जिसमें 10 स्वयसेवक शामिल थे, की प्रस्तुति हुयी। हिन्दू जगेगा विश्व जगेगा..कर रहे हम साधना …संघ किर‌ण घर-घर.. शत शत नमन भारत भूमि को ….कोई चलता पग चिन्हों पर… चन्दन है इस देश-..आंधी क्या तूफान मिले… आदि राष्ट्रप्रेम से ओत प्रोत संघ गीतो को प्रस्तुति हु‌यी। यह कार्यक्रम 8 वर्षों से चल रहा है आज इसमें पाँच वर्ष से 70 वर्ष तक के 156 स्वयंसेवको ने प्रतिभाग किया। भाग संघ चालक राधेश्याम ने घोषणा की कि छत्रसाल नगर के वरुण एवं श्याम सुन्दर ने एकल गीत में प्रथम, प्रताप नगर के सत्येन्द्र द्वितीय एवं सावरकर नगर के आयुष तृतीय रहे। गणगीत में माधव नगर प्रथम व छत्रसाल नगर द्वितीय रहा। संचालन सुधीर जी, भाग बौद्धिक प्रमुख देवेश त्रिपाठी व प्रशान्त जी ने किया। इस अवसर पर विभाग प्रचार प्रमुख आशीष प्रताप सिंह, प्रवीण पाण्डे, ज्ञानेन्द्र जी, सह भाग कार्यवाह सुशील अवस्थी, भाग प्रचारक यशजी, सेवा प्रमुख विश्वजीत, संघ चालक अरुण, अशोक,अनिल ,प्रबल प्रताप सिंह, कृष्ण प्रसाद, राम प्रकाश निवेदरी, योगेन्द्र सचान ,विमल सिंह परिहार, रजनीकान्त, शिवम सचान, सुधाकर जी, ऋषभ आदि मौजूद रहे।

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