क्षेत्रीय लोगों ने मच्छरों के प्रकोप से परेशान होकर मच्छर चालीसा का पाठ का आयोजन किया
कानपुर, स्मार्ट सिटी कानपुर में आम जनता हर दिन इस ‘खामोश हमले’ का शिकार हो रहे हैं. हालत यह है कि लोग न खुली हवा में बैठ पा रहे हैं, न चैन से खाना खा पा रहे हैं और न ही रात में सुकून की नींद ले पा रहे हैं. जैसे ही सूरज ढलता है, शहर पर मच्छरों की ‘फौज’ टूट पड़ती है. गलियों से लेकर घरों तक, बाजार से लेकर दुकानों तक, हर जगह इनका कब्जा नजर आता है। यह कहना है समाजवादी पार्टी के
चौधरी सुनील यादव का। छावनी विधानसभा नगर निगम जोन 3 चालीस दुकान सब्जी मंडी में मच्छर चालीसा का पाठ करते हुए प्रशासन को सोई नींद से जगाने का काम करते हुए चौधरी सुनील यादव ने बताया कि सुबह और शाम के समय स्थिति सबसे भयावह हो जाती है. इतने मच्छर हो गए हैं कि एक जगह बैठना भी मुश्किल है. हर समय संक्रमण का डर बना रहता है। उन्होंने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया. शहर में मच्छरों चलते लोग सूकून की नींद भी नहीं ले पा रहे हैं चौधरी यादव ने बताया कि ”नियमित फॉगिंग नहीं होने से समस्या विकराल रूप ले चुकी है. मच्छर काट-काट कर लोगों का जीना मुहाल कर दिए हैं.” वार्ड 80 क्षेतीय निवासी देवराज जोशी ने बताया कि
”रात में सोना अब एक चुनौती बन गया है. मच्छर इतने बड़े और खतरनाक लगते हैं कि डेंगू वाले मच्छरों जैसे दिखते हैं चौधरी सुनील यादव ने शहर की बदहाल व्यवस्था पर तीखा सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि कानपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा तो मिल गया, लेकिन जमीनी हकीकत डराने वाली है
नागरिक बताते हैं कि ”वार्ड 80 पार्षद से शिकायत की तो पार्षद कहते हैं कि जब हर वार्ड में फोगिंग मशीन ही नहीं है, तो नियमित फॉगिंग कैसे होगी?
बाबूपूर्वा निवासी धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि कानपुर इस वक्त एक ऐसे संकट के मुहाने पर खड़ा है साथ में क्षेतीय जनता के साथ नवीन गुप्ता, सर्वेश शशि, एडवोकेट संजीव तिवारी , प्रखर श्रीवास्तव एवं यादवेंद्र सिंह सहित काफ़ी संख्या में महिलाएँ भी मौजूद रहीं।
