कानपुर में 67 केंद्रों पर हो रही गेहूं खरीद, 2585 रुपए का भाव
– सुबह 9 से शाम 6 बजे तक हो रही तौल, डीएम ने दिए सुविधाओं के सख्त निर्देश
– मंडी से बेहतर सरकारी दाम, बिचौलियों से मिली किसानों को मुक्ति
– 15 जून तक चलेगी प्रक्रिया, 2200 से अधिक किसान करा चुके हैं पंजीकरण
कानपुर, 2 अप्रैल।
जनपद के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का पालन करते हुए कानपुर नगर में गेहूं की सरकारी खरीद का काम पूरी तेजी से शुरू हो गया है। इस साल प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए जिले भर में कुल 67 क्रय केंद्र सक्रिय किए हैं। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए सभी केंद्र प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुले रहेंगे।
पारदर्शी व्यवस्था और आधुनिक तकनीक
जिला प्रशासन ने इस बार तौल प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। सभी 67 केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटे और नमी मापक यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। साथ ही, किसानों के सत्यापन और ई-पॉप मशीनों के जरिए सीधी खरीद की जा रही है। गेहूं की सुरक्षा के लिए नौबस्ता और चंदारी स्थित सरकारी डिपो में भंडारण के भी पुख्ता इंतजाम हैं।
बाजार से ज्यादा मिल रहा है सरकारी दाम
व्यवस्थाओं के बाद अब बात करें मुनाफे की, तो योगी सरकार ने इस सीजन के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। यह पिछले साल के 2425 रुपए के मुकाबले 160 रुपए अधिक है। वर्तमान में स्थानीय मंडियों में गेहूं का भाव 2400 रुपए से 2430 रुपए के बीच है, ऐसे में सरकारी केंद्रों पर फसल बेचना किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। जिले में अब तक 2277 किसान अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
“67 केंद्रों पर तैनात सभी टीमों को मुस्तैद कर दिया गया है। बोरों की कोई कमी नहीं है और परिवहन ठेकेदारों के माध्यम से अनाज का उठान भी समय पर सुनिश्चित किया जा रहा है। किसान भाई अपना पंजीकरण और सत्यापन जल्द पूरा करा लें ताकि उन्हें अपनी मेहनत का सही दाम तुरंत मिल सके।”
– अजय विक्रम सिंह, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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“जनपद के सभी 67 केंद्रों पर गेहूं खरीद की निगरानी स्वयं की जा रही है। हमारा लक्ष्य है कि 15 जून तक चलने वाली इस प्रक्रिया में एक भी पात्र किसान छूटने न पाए। केंद्रों पर छाया और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के सख्त निर्देश दिए गए हैं। किसान भाई सीधे केंद्रों पर आएं, किसी बिचौलिये की जरूरत नहीं है।
– जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी, कानपुर नगर
