कानपुर IIT ने क्लाउड सीडिंग का नया ट्रायल जारी कर दिया
आईआईटी कानपुर ने क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में एशिया में 77वां और भारत में पांचवां स्थान प्राप्त किया है।
साल 2026 में प्लेसमेंट सीजन में 80% छात्रों को नौकरी मिली, जिसमें कंप्यूटर साइंस और डबल मेजर प्रोग्राम के छात्रों को सबसे ज्यादा सफलता मिली।
आईआईटी कानपुर ने 6 नए ऑनलाइन पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम शुरू किए हैं।
आईआईटी कानपुर ने दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए क्लाउड सीडिंग का ट्रायल किया है।
दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए एक बार फिर कृत्रिम बारिश क्लाउड सीडिंग का सहारा लेने की तैयारी हो रही है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (IIT Kanpur) ने इस संबंध में नया ट्रायल करने के लिए सरकार से मंजूरी मांगी है।
क्लाउड सीडिंग एक वैज्ञानिक तकनीक है, जिसमें बादलों में खास रसायन डाले जाते हैं।
इससे बादल घने होकर बारिश की संभावना बढ़ाते हैं। अगर सही परिस्थितियां हों, तो यह तकनीक प्रदूषण कम करने में मदद कर सकती है।
IIT कानपुर इससे पहले भी इस तकनीक पर काम कर चुका है। हालांकि, पिछले प्रयासों में मौसम की अनुकूलता और प्रशासनिक मंजूरी जैसी चुनौतियों के कारण बड़े स्तर पर इसका इस्तेमाल नहीं हो पाया था।
