कानपुर 06.04.2026
विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल): कानपुर मेट्रो ने शहर में स्वच्छता के नए प्रतिमान स्थापित किए

सभी नए और पुराने स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए सुव्यवस्थित और स्वच्छ शौचालय; दिव्यांग यात्रियों के लिए भी पृथक व्यवस्था

यात्रा के दौरान तंबाकू का उपयोग प्रतिबंधित; स्वच्छता प्रयासों को शहरवासियों का मजबूत समर्थन

प्रत्येक वर्ष 7 अप्रैल को वैश्विक स्तर पर मनाया जाने वाला विश्व स्वास्थ्य दिवस, एक विकसित समाज की नींव के रूप में स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करता है। अपनी स्थापना के समय से ही कानपुर मेट्रो ने स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिससे यात्री स्वच्छ व स्वस्थ माहौल में विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव प्राप्त कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कानपुर मेट्रो उत्कृष्ट सुविधाओं, समर्पित स्टाफ, जागरूकता अभियानों और सख्त नियमों का समन्वित रूप से प्रभावी उपयोग कर रहा है।

कानपुर मेट्रो स्टेशन; शहर के अंदर स्वच्छता की नई परिभाषा
उत्कृष्ट यात्री सेवाओं और विश्वस्तरीय सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध कानपुर मेट्रो अब स्वच्छता के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित कर रहा है। स्टेशन परिसर में स्थित कॉनकोर्स और प्लैटफॉर्म से लेकर मेट्रो कोच तक, प्रत्येक स्थान को अत्यंत सावधानीपूर्वक स्वच्छ रखा जाता है, जिससे एक साफ-सुथरा वातावरण सुनिश्चित हो सके। उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए अधिकारी नियमित रूप से सघन निरीक्षण करते हैं, जिससे फर्श, रेलिंग तथा यात्रियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले अन्य क्षेत्रों में स्वच्छता बनी रहे।

हाउसकीपिंग स्टाफ के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए, प्रत्येक माह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रबंध निदेशक द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाता है।

दिव्यांग यात्रियों के लिए शौचालय की उपलब्धता
सभी स्टेशनों पर आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शौचालय स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में मोती झील से कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक संचालित 14 स्टेशनों के अलावा, कॉरिडोर-1 के शेष सेक्शन (कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता) के अंतर्गत निर्माणाधीन 7 नए स्टेशनों पर भी उच्च गुणवत्ता वाले शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

मेट्रो का समर्पित हाउसकीपिंग स्टाफ चौबीसों घंटे कार्यरत रहकर प्रत्येक स्टेशन पर स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर वातावरण बनाए रखता है। इसके अतिरिक्त, कानपुर मेट्रो ने दिव्यांग यात्रियों के लिए पृथक शौचालयों की विशेष व्यवस्था भी की है। इन शौचालयों में व्हीलचेयर की सुगम आवाजाही के लिए रैंप तथा सहारे के लिए ग्रैब-रेल/हैंडरेल्स लगाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि देश की अधिकांश सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों में इस प्रकार की सुविधाएं अभी व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।

तंबाकू प्रतिबंधित क्षेत्र
कड़े स्वच्छता मानकों के साथ-साथ, कानपुर मेट्रो ने यात्रा के दौरान साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जनहित में कुछ नियमों को सख्ती से लागू किया है। मेट्रो परिसर एवं ट्रेनों में गुटखा, पान, बीड़ी और सिगरेट सहित सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। यात्रियों को पेड एरिया में प्रवेश से पूर्व सुरक्षा जांच के दौरान ऐसे सामान जमा कराना अनिवार्य है। यह नीति न केवल कूड़ा फैलने से रोकती है, बल्कि संक्रामक रोगों के प्रसार को भी नियंत्रित करती है।

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