ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत आरपीएफ ने अपहृत बालक को परिजनों से मिलाया
कानपुर। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कानपुर सेंट्रल ने ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत सतर्कता दिखाते हुए एक अपहृत नाबालिग बालक को बरामद कर उसे संबंधित पुलिस और परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
आरपीएफ इंस्पेक्टर एस एन पाटीदार ने जानकारी दी कि 7 अप्रैल को कानपुर सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 1 पर गश्त के दौरान एएसआई बलवीर सिंह को एक नाबालिग बालक संदिग्ध अवस्था में अकेले घूमता मिला। पूछताछ के लिए उसे आरपीएफ पोस्ट लाया गया, जहां खुले माहौल में की गई बातचीत में बालक ने अपना नाम शाकिर (11 वर्ष) पुत्र रईसुद्दीन निवासी सौफूटा रोड, कृष्णा बाग कॉलोनी, गली नंबर 4, थाना ट्रांस जमुना, जिला आगरा बताया और कहा कि वह घर से भटककर यहां पहुंच गया है।
आरपीएफ उसके द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर के आधार पर बालक के परिजनों से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि बच्चे के अपहरण के संबंध में थाना ट्रांस जमुना, आगरा में मुकदमा दर्ज कराया गया है। सूचना मिलने पर थाना ट्रांस जमुना से उपनिरीक्षक अंशुल राठौर, हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र पाल और बालक के परिजन कानपुर सेंट्रल पहुंचे। पुलिस ने बताया कि इस मामले में मुकदमा संख्या 131/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत दर्ज है। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरपीएफ ने बालक को संबंधित पुलिस और परिजनों को सौंप दिया।
बालक के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और आरपीएफ के प्रति आभार जताया।
