कानपुर। विकास के नाम पर हो रही भ्रष्टाचारी आम लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। सड़क नाले का निर्माण तो किया जाता है। लेकिन उसकी गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। नमक फैक्ट्री से लेकर शनेश्वर चौराहे तक बना नाला जगह जगह खुला हुआ है। जहां आए दिन जानवर और राहगीर गिरकर घायल हो जाते हैं और मुसीबत पुलिस की बन जाती है। आज फिर देर रात से नाले में गाय गिर गई। जिसे निकालने के लिए गौ रक्षकों ने नगर निगम और संबंधित विभाग को फोन कर बुलाया। लेकिन सभी ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। जिसके बाद गौ रक्षक समिति के लोगों ने रोड जाम कर धरने पर बैठ गए। नगर निगम और पार्षद के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। बवाल की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने धरना खत्म करने का प्रयास किया। लेकिन प्रदर्शनकारी नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी के आने पर ही धरना खत्म करने की बात कही।
गौ रक्षकों का कहना है कि करोड़ों रुपए की लागत से बने नाले में ढक्कन नहीं लगाए गए हैं जो इंजीनियरिंग विभाग की नाकामी को दर्शाता है। निगम के इंजीनियरिंग विभाग की मेहरबानी से ठेकेदारो ने अपना उल्लू सीधा कर लिया है। जिस कारण आए दिन पुलिस को बवाल झेलना पड़ता है।
घंटों बाद पहुंचे नगर निगम के अधिशासी अभियंता आरके सिंह सिद्धकी ने धरने पर बैठे लोगों को आश्वासन दिया है कि एक हफ्ते में सारी खामियां पूरी की जाएगी।
