कानपुर नगर, दिनांक 06 अक्टूबर, 2021(सू0वि0)
कृषि उत्पादन आयुक्त, उ0प्र0 शासन की अध्यक्षता में कानपुर, लखनऊ, आगरा एवं अलीगढ मण्डलों की रवी उत्पादकता गोष्ठी 2021 का आयोजन वीडियो कान्फेन्सिंग के माध्यम से किया गया है। राज्य स्तर पर शासन के उच्चाधिकारी कृषि उत्पादन आयुक्त. अपर मुख्य सचिव कृषि उ०प्र० शासन, निदेशक पशुपालन कृषि निदेशक, उद्यान निदेशक एवं सम्बन्धित विभागों के राज्य स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। समस्त जनपदीय मुख्यालय के एन0आई0सी0 पर मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी एवं प्रगतिशील कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया तथा एन0आई0सी0 कानपुर नगर में श्री विशाख जी, जिलाधिकारी कानपुर नगर, डा0 महेन्द्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी, कानपुर नगर, संयुक्त कृषि निदेशक, श्री डी0के0 सिंह, उप कृषि निदेशक कानपुर नगर, श्री चौधरी अरूण कुमार तथा सम्बन्धित विभाग के मण्डलीय अधिकारियों एवं जनपदीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। सी0एस0ए0 के डा0 महक सिंह, तिलहन वैज्ञानिक डा0 सोमवीर सिंह, गेंहूँ वैज्ञानिक डा0 संजीव कुमार सिंह, शाकभाजी वैज्ञानिक डा० अखिलेश मिश्रा (दलहन) एवं डा० अरविन्द कुमार (मृदा वैज्ञानिक) उपस्थित रहे।
कृषि उत्पादन आयुक्त, उ0प्र0 शासन द्वारा निर्देश दिये गये कि कृषि एवं कृषि से सम्बन्धित सभी क्रिया कलापों को कृषक भाई अपनायें तभी आय में वृद्धि सम्भव हो सकेगी। जिला स्तर पर पैदा होने वाले उत्पाद को बाजार से कैसे जोड़ा जाये, इसमें मुख्य विकास अधिकारी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते है। प्रत्येक जनपद में कृषि उत्पाद के विपणन हेतु एक सामूहिक बाजार विकसित किया जाये। उन्हांेने बताया कि मण्डी परिसर को भी कृषि विपणन हब के रूप में विकसित करें। उन्होंने निर्देश दिये कि कृषक उत्पादक संगठन के पास पर्याप्त कार्यशील पूंजी होना चाहिये तथा उनके सदस्यों को समुचित प्रशिक्षण दिलाया जाये तथा फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना हेतु एफ0पी0ओ0 को वरीयता दी जाये। भारत सरकार द्वारा नाबार्ड के माध्यम से सुविधाये दी जा रही है। वर्तमान समय में तिलहनी फसलों का विक्रय मूल्य अधिक है जिससे इस समय अधिक से अधिक तिलहनी फसलों की पैदावार करके अधिक से अधिक आय प्राप्त की जा सकती है। पराली प्रबन्धन हेतु निराश्रित गौशालाओं में अधिक से अधिक पराली भेजे जाने के निर्देश दिये गये। पी०एम० कुसुम बी के अन्तर्गत कृषकों को सोलर पम्प उपलब्ध कराये जा रहे है, पी०एम० कुसुम-ए के अन्तर्गत बिजलीघर पर सोलर पैनल के माध्यम से ऊर्जा का निर्माण कर सकते है। पी०एम० कुसुम-सी के अन्तर्गत कृषि क्षेत्र के फीडर जो अलग है, उन फीडर के लिये 2-4 एकड़ जमीन इकट्ठा करके उस जमीन पर सोलर के माध्यम से फीडर को बिजली दे सकते है, इस कार्य हेतु कृषकों को अनुदान भी प्राप्त होगा। इस योजना का लाभ यह है कि किसानों को बिजली का बिल नहीं देना होगा।
अपर मुख्य सचिव (कृषि) उ0प्र0 शासन द्वारा निर्देश दिये गये कि विगत खरीफ में उत्पन्न परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुये उर्वरकों का वितरण पी0ओ0एस0 मशीन, आधार एवं खतौनी के आधार पर कराया जाये। साथ ही तिलहन बीजों एवं तिलहनी फसलों के आच्छादन बढ़ाने पर जोर दिया जाये। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि निजी क्षेत्र में अनाधिकृत प्रजाति के बीजों का वितरण न हो। पी०एम० किसान के सभी लाभार्थियों का किसान केडिट कार्ड निर्गत कराया जाये। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नगरीय क्षेत्र में कूड़ा एवं ग्रामीण क्षेत्र में पराली किसी भी दशा में न जलाने दी जाये।
निदेशक, पशुपालन उ0प्र0 द्वारा अवगत कराया गया कि प्रदेश में भारत सरकार द्वारा कृत्रिम गृभाधान निःशुल्क है। शार्ट सैक्सड सीमन के द्वारा 90 प्रतिशत बछिया पैदा होती है जिसमें अभी रू0 300 शुल्क निर्धारित है जिसको घटाकर रुपये 100 किया जायेगा। उन्होंने पशुपालन विभाग से सम्बन्धित अन्य योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी।
जिलाधिकारी, कानपुर नगर द्वारा अवगत कराया गया कि रबी अभियान की तैयारी हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थायें कर ली गयी है। जनपद में कृषकों द्वारा सोलर पम्प की मॉग की जा रही है जिस हेतु सोलर पम्प के लक्ष्य यथाशीघ्र उपलब्ध कराये जाये ताकि कृषक समय से अपनी फसलों की सिंचाई कर सके। जनपद कानपुर नगर के प्रगतिशील कृषक श्री विपिन शुक्ला ने अवगत कराया कि कानपुर नगर के घाटमपुर एवं नर्वल तहसील जो कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जनपदों की सीमा से लगे हुये है, उक्त तहसीलों में बुन्देलखण्ड की भॉति 90 प्रतिशत अनुदान पर स्प्रिंकलर सेट की सुविधा प्रदान की जाये क्योंकि इन तहसीलों के ग्रामों की जमीन समतल न होने के कारण बिना स्प्रिंकलर सेट से सिंचाई करने में कठिनाई आती है तथा सोलर पम्प के लक्ष्य यथाशीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की।

2021-10-06
