कानपुर। कानपुर के प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की गोरखपुर में हत्या करने के मामले में आरोपित पुलिसर्मियों की तलाश में छह जिलों में ताबड़तोड़ छापे मारे गए। हालांकि पुलिस एक भी आरोपित पुलिसकर्मी पकड़ नहीं सकी। अफसरों के मुताबिक गिरफ्तारी के लिए सभी जिलों के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया जा रहा है।
मनीष गुप्ता हत्याकांड के तूल पकडऩे के बाद गोरखपुर एसएसपी के आदेश से रामगढ़ताल के तत्कालीन निरीक्षक जगत नारायण सिंह, उपनिरीक्षक अक्षय कुमार मिश्र व विजय कुमार यादव के खिलाफ नामजद व तीन अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। हालांकि बाद में मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने आरोप लगाया था कि उनसे तहरीर बदलवाई गई। पहली तहरीर जो कि उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर भी लोड की है, उसमें इन तीन नामों के अलावा उपनिरीक्षक राहुल दुबे, मुख्य आरक्षी कमलेश यादव व आरक्षी प्रशांत कुमार को भी आरोपित बनाया गया था। सभी छह पुलिसकर्मी मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार हैं।
मंगलवार को मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने आरोपित पुलिसकॢमयों की गिरफ्तारी न होने से स्वयं व परिवार की जान को खतरा बताया था। इसके बाद बुधवार को एसआइटी (विशेष जांच दल) के नेतृत्व में आरोपित पुलिसकॢमयों की तलाश में छह टीमें बनाई गईं। इन टीमों ने लखनऊ, गोरखपुर, मऊ, बलिया, गाजी और अमेठी में 17 ठिकानों पर छापेमारी की, जहां इनके छिपे होने की आशंका थी। सभी पुलिस कर्मियों के स्थायी पता व अस्थायी पता के अलावा कुछ रिश्तेदारों के घर भी पुलिस पहुंची। हालांकि कोई भी आरोपित पुलिसकर्मी नहीं मिला।
