जंगल कटने से असंतुलित होता जल चक्र.ज्योति बाबा

अनोखी विडंबना!धरती पर बढ़ते जल संकट को इग्नोर कर मंगल ग्रह पर पानी की तलाश..ज्योति बाबा

कानपुर l विडंबना ही है कि इंसान मंगल ग्रह पर तो पानी को तलाश रहा है पर धरती पर बढ़ते संकट को इग्नोर कर रहा है आज पूरी दुनिया के साथ हर देशवासी को इस मुद्दे पर अपनी जिम्मेदारी समझते हुए जागरूक होना होगा वरना वह दिन दूर नहीं जब गहराते वॉटर क्राइसिस में पूरी दुनिया डूबने की कगार पर होगी,उपरोक्त बात सोसाइटी योग ज्योति इंडिया के तत्वाधान में राष्ट्रीय युवा हिंदू वाहिनी नीतू शर्मा के सहयोग से माननीय मोदी की जल क्रांति योजना के तहत नशा हटाओ पेड़ लगाओ जल बचाओ कोरोना मिटाओ अभियान के तहत संस्था कार्यालय में आयोजित ई संगोष्ठी शीर्षक बढ़ता जल प्रदूषण कारण हम और आप पर अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख योग गुरु ज्योति बाबा ने कही,ज्योति बाबा ने आगे कहा कि भयावह रूप धारण करते जल संकट के बीच भारत सरकार के प्रयासों मे हम सबको सकारात्मक भागीदारी निभाना है हम जल संरक्षण व वाटर हार्वेस्टिंग द्वारा कैसे बेहतर प्रबंधन करें वो 25 सेंटीमीटर औसत वर्षा वाले इजराइल से सीखने की जरूरत है प्रथम दार्शनिक कहे जाने वाले थैल्स ने सैकड़ों ईशा वर्ष पूर्व कहा था कि जल ही समस्त भौतिक वस्तुओं का कारण और समस्त प्राणी जीवन का आधार है परंतु अफसोस के साथ कहना होगा कि भारत समेत पूरी दुनिया तब से अब तक इस अमूल्य धरोहर को सहेजने में विफल रही है राष्ट्रीय संरक्षक डा आर पी भसीन ने कहा कि भीषण जलसंकट के वर्तमान वैश्विक परिदृश्य पर नजर डालें तो आर्थिक विकास और विश्व की स्थिरता के लिए यह एक बड़ा खतरा है जहां दुनिया भर में इसके कारण आपसी तनाव व संघर्ष बढ़ सकते हैं,प्रदेश अध्यक्ष नीतू शर्मा व मानवाधिकार वादी गीता पाल ने संयुक्त रूप से कहा कि गौरतलब है कि जल क्रांति योजना और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे अनेकों अभियान जल संकट के विरुद्ध भारत सरकार की इच्छा शक्ति को स्पष्ट करते हैं इसीलिए मोदी जी,योगी जी सरकार के यह प्रयास प्रशंसनीय हैं,अंत में योग गुरु ज्योति बाबा ने जल संरक्षण की शपथ दिलाई,ई संगोष्ठी का संचालन अनिल सिंह चंदेल व धन्यवाद पीयूष सिंह एडवोकेट ने दिया,अन्य प्रमुख स्नेहा पांडे,विमल माधव,रोहित कुमार,दीपक सोनकर इत्यादि थे l

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