कानपुर देहात में फैक्ट्री प्रबंधन के उत्पीड़न से कर्मचारी की मौत के मामले में आठवें दिन भी भाकियू का धरना जीपीएल फैक्ट्री के बाहर जारी रहा। भाकियू ने दिवंगत के स्वजन को 50 लाख रुपये भरण पोषण के लिए मुआवजा राशि देने की मांग की कर कैंडल जलाया।
अकबरपुर क्षेत्र के पहाड़पुर धंजुआ निवासी नीरज की करीब एक माह पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मामले में दिवंगत के स्वजन ने जीपीएल फैक्ट्री प्रबंधन पर उत्पीड़न का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया था। दिवंगत के भाकियू का सदस्य होने के कारण कार्यकर्ता पिछले आठ दिनों से फैक्ट्री गेट पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को आक्रोशित किसानों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके साथ ही दिवंगत की आत्मशांति के लिए कैंडल जला श्रद्धांजलि दी। यूनियन के जिलाध्यक्ष विपिन तिवारी ने कहा कि दिवंगत नीरज का शोषण फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि दिवंगत के स्वजन के भरण पोषण के लिए 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। इस दौरान मंडल अध्यक्ष रमेश सिंह यादव, मंडल सचिव रानू निगम, राम नारायण, चुन्नी, लल्लू शुक्ला, रणधीर, कैलाश नाथ मौजूद रहे।
प्रस्तावित किसान आंदोलन को लेकर चौकन्ना रहा प्रशासन
भोगनीपुर में किसान यूनियन के मंगलवार को प्रस्तावित आंदोलन के मद्देनजर प्रशासन पूरे दिन चौकन्ना रहा। एहतियात के तौर पर पुखरायां रेलवे स्टेशन,तहसील व मुख्य चौराहे पर पुलिस बल तैनात रहा। किसान यूनियन की ओर से प्रस्तावित आंदोलन के मद्देनजर मंगलवार को एसडीएम रामशिरोमणि, सीओ प्रभात कुमार, कोतवाल राजेश कुमार सिंह आदि पुलिस बल के साथ भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष रशीद अहमद आजाद के निवास पर गए और आंदोलन के बारे में जानकारी ली। वहां मौजूद भाकियू नेता रशीद अहमद आजाद, श्रीप्रकाश व जगदीश आदि को अपने साथ ले गए। कुछ देर तक थाने में रोकने के बाद भाकियू नेताओं को छोड़ दिया गया। सीओ प्रभात कुमार ने बताया कि भाकियू नेताओं ने आंदोलन में भाग न लेने की जानकारी दी थी। भोगनीपुर क्षेत्र में आंदोलन की कोई गतिविधि नहीं हुई।
