कानपुर देहात में बिकरू कांड के दौरान पुलिस कर्मियों से लूटी गई एके-47 व कारतूस बरामदगी के मामले में शनिवार को एंटी डकैती कोर्ट में सुनवाई हुई। सभी छह आरोपियों पर आरोप (विरचित) बने हैं। अब साक्ष्य के लिए एक नवंबर को सुनवाई की तारीख तय की गई है।
पिछले साल दो जुलाई की रात बिकरू गांव में विकास दुबे और उसके गुर्गों ने डीएसपी व एसओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपी पुलिस कर्मियों के हथियार लूटकर फरार हो गए थे।
जिसका मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने बीती एक मार्च को लूटी गई एके-47 व कारतूस रामजी उर्फ राधे कश्यप, शुभम पाल, संजय परिहार व अभिनव तिवारी, अमन शुक्ला व विष्णु कश्यप को गिरफ्तार कर बरामद किए थे।
शनिवार को एंटी डकैती कोर्ट में सुनवाई के लिए रामजी उर्फ राधे कश्यप, शुभम पाल, संजय परिहार व अभिनव तिवारी को कानपुर नगर की जेल से और अमन शुक्ला व विष्णु कश्यप को माती जेल से लाया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल ने बताया कि सभी छह आरोपियों पर आरोप बन गए हैं। एडीजीसी आशीष तिवारी ने बताया कि साक्ष्य के लिए अदालत ने अगली तारीख एक नवंबर तय है।
