कानपुर नगर l मा0 वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री, भारत सरकार, श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कानपुर में अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण प्रयोगशाला का शिलान्यास किया और युवाओं को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत प्रशिक्षित लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किये।
मा0 वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री, भारत सरकार, श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने होटल लैण्डमार्क में आयोजित कार्यक्रम में के0एल0सी0 काम्प्लेक्स के अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण प्रयोगशाला का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कानपुर में चर्म उत्पादन का बडा क्लस्टर है तथा अन्य राज्योें के साथ उ0प्र0 भी चर्म उत्पादन
में कानपुर, आगरा आदि जनपदों में बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि कानपुर के चर्म उद्योग के साथ अन्य उद्योगों के एक्सपोर्ट को बढाने में भी सहयोग प्रदान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धा को देखते हुये लेदर सामग्री की गुणवत्ता को बनाये रखने की आवश्यकता है। लेदर के एक्सपोर्ट को बढावा दिये जाने हेतु केन्द्र व प्रदेश सरकार आवश्यक सहयोग प्रदान कर और आगे बढाया जायेगा। उन्होंने कहा कि कानपुर में अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना से बेहतर प्रयोग व परीक्षण होने से बेहतर कार्य होगा।उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में बडा बदलाव आ रहा है। निर्यात के लक्ष्य को 400 मिलयन डॉलर रखा गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने में हमारे जो चमडा उद्योग और लेदर इण्डस्ट्री है, उसको 5.8 मिलयन डॉलर के लक्ष्य की जिम्मेदारी दी गयी है, जिसको पूरा करने में लेदर इण्डस्ट्री लगी हुयी है। आज सेन्टर लेदर रिर्सच इंस्टीट्यूट और कानपुर लेदर क्लस्टर ने मिलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना की है। इससे उद्योग से जुडे हुये उत्पाद है, उनकी टेस्ंिटग में बहुत सुविधा होगी। हमें अपने निर्यात को बढाने के लिये तथा नये-नये मार्केट बनाने के लिये अन्तर्राष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिये उन मानकों पर उत्पदांे को खरा उतरना होगा। इस दृष्टि से अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षण प्रयोगशाला चर्म उद्योग के लिये महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लेदर सेक्टर स्किल काउसिंल की ओर से 40 युवक एवं युवतियों को जो हमारे लेदर सेक्टर के अलग-अलग सबसेक्टर से आये है, उनमें अलग-अलग सेक्टरों में कार्यो के लिये इन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया गया है जो उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों आगरा, उन्नाव, कानपुर, सीतापुर के है, उनको प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। ऐसे प्रशिक्षणार्थियों को लेदर सेक्टर को आगे बढाने में योगदान है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में देश में 100 करोड लोगों का टीकाकरण कराया गया है। कोरोना काल के बाद धीरे-धीरे अर्थ व्यवस्था आगे बढ रही है। उन्होंने कहा कि एक्सपोर्ट के क्षेत्र में 50 प्रतिशत का लक्ष्य अप्रैल से सितम्बर, 2021 के मध्य में प्राप्त किया है। चमड़ा क्षेत्र कौशल परिषद (एल0एस0एस0सी0) कानपुर चमड़ा समूह में विभिन्न कौशल विकास की पहल कर रही है।उन्होंने कहा कि कानपुर देश का एक प्रमुख चमड़े का समूह है जिसका लंबा इतिहास और सफलता है। कानपुर को देश में औद्योगिक सुरक्षा जूते और चर्म उत्पादों की वस्तुओं का सबसे बड़ा विनिर्माण आधार होने का गौरव प्राप्त है, इसके अलावा यह तैयार चमड़े और मूल्य वर्धित चमड़े के उत्पादों और जूते का एक प्रमुख उत्पादन केंद्र है। कानपुर जिले को उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत चमड़े के उत्पाद के लिए सूचीबद्ध किया गया है। कानपुर देश में चमड़ा उद्योग के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कानपुर में चमड़ा उद्योग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लोगों को रोजगार देता है। कानपुर क्लस्टर में चमड़ा उद्योग ने मेगा लेदर, फुटवियर और एक्सेसरीज़ डेवलपमेंट क्लस्टर (एमएलएफएसी) की स्थापना के लिए पहल करके उत्पादन स्तर बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।इस अवसर पर मा0 कारागार एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री, उ0प्र0, श्री जय कुमार जैकी, श्री संजय लीखा, अध्यक्ष, चमड़ा निर्यात परिषद (सीएलई), श्री राजेंद्र कुमार जालान, उपाध्यक्ष, सीएलई, श्री मुख्तारुल अमीन, चेयरमैन, केएलसी अनुसंधान परिषद, श्री आर0 सेल्वम, कार्यकारी निदेशक, सीएलई और उद्योग के प्रतिनिधियों उपस्थित थे।
2021-10-23
