कानपुर संगीत नाटक अकादेमी संस्कृति, मंत्रालय भारत सरकार की स्वायत्त संस्था व दी मॉरल द्विभाषिक राष्ट्रीय साप्ताहिक एवं भारतीय शिक्षण मंडल के सहयोग से अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती पर ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, जवाहर नगर, कानपुर में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मा0 राज्यमंत्री उच्च शिक्षा, उत्तर प्रदेश सरकार, श्रीमती नीलिमा कटियार द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मा0 राज्यमंत्री ने स्वर्गीय गणेश शंकर विद्यार्थी के राष्ट्रवाद को परिभाषित करते हुए अपने संबोधन में कहा कि हम सबके लिए यह बहुत ही गौरव व गर्व की बात है कि भारत की आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से हम अपनी पीढ़ी को देश के महान नायकों के बलिदानों व उनके योगदान की प्रेरणा से प्रेरित कर रहे हैं तथा उनके राष्ट्रबोध का ज्ञान करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमृत महोत्सव कार्यक्रम के माध्यम से अपने देश के नायकों को याद कर उनकी प्रेरणा के अनुसार उसी दिशा में चलने के लिए युवाओं को प्रेरित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से हम अपने देश के महान नायकों और उनके योगदान को भूलते जा रहे हैं थे, इसलिए इस तरह के कार्यक्रमों को आयोजित कर महानायकों के योगदानों और उनकी प्रेरणा को विस्तारित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के महानायक को मैं समर्पण की जो भावना व तीव्रता थी उसकी आज भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संघर्ष अभी कम नहीं हुआ है, संघर्ष तब भी था संघर्ष आज भी है, हमें संघर्ष करते हुए आगे बढ़ना है।
उन्होंने कहा कि आज अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय गणेश शंकर विद्यार्थी साहित्यकार, पत्रकार एवं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सिपाही थे, इसके साथ ही उच्च कोटि के वक्ता थे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जी स्वयं पत्रकार थे उन्होंने कितने ही नव युवकों को पत्रकार लेखक और कवि बनने की प्रेरणा व ट्रेनिंग दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जी के राष्ट्रबोध में साहित्य और पत्रकारिता का अटूट योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जी ने जो आदर्श प्रस्तुत किया है वह बहुत ही हर्ष और गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जी ने जो विचार दिए हैं हम सब मिलकर उन पर चलने का कार्य करें यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भारतीय शिक्षण मंडल श्री अंगद सिंह, प्रधान संपादक दैनिक गणेश श्री कैलाश नाथ त्रिपाठी, श्री लक्ष्मी कांत पांडे, श्री मनोज कपूर, श्री संजय कुमार मिश्रा, श्री शिव शरण त्रिपाठी व कार्यक्रम के संयोजक सहायक निदेशक संगीत नाटक अकादेमी श्री तेज स्वरूप त्रिवेदी ने भी सरगी गणेश शंकर विद्यार्थी के राष्ट्रपति पर प्रकाश डालते हुए अपने विचार रखें।
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2021-10-26
