बिकरू कांड के दौरान भी थाने में तैनात था अनुसूचित जाति के बुजुर्ग की हत्या का आरोपी दरोगा

एसपी कानपुर आउटर अजीत कुमार सिन्हा शुक्रवार को चार्ज संभालने के बाद चौबेपुर थाने पहुंचे। उन्होंने कुछ दिन पहले पनऊपुरवा गांव में हुई अनुसूचित जाति के आनंद कुमार कुरील की हत्या और बिकरू कांड से जुड़े दस्तावेज खंगाले। इस दौरान पता चला कि हत्या के मामले में फरार आरोपी दरोगा गोपी कृष्ण बिकरू कांड के दौरान भी थाने में तैनात था। कांड के बाद उसे थाने से नहीं हटाया गया था। एसपी ने दरोगा की सर्विस बुक देखकर दरोगा के कार्यकाल का ब्योरा जुटाया।

एसपी ने चौबेपुर थाने के इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन राय को तलब कर पुलिस की लापरवाही पर फटकार लगाई और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इस मामले में नामजद दरोगा गोपीकृष्ण और शेर बहादुर को जांच के बाद निलंबित करने की बात कही। एसपी पीड़ित परिवार से भी मिले।

दोनों दरोगा के थाने पहुंचने की चर्चा

आनंद कुमार हत्याकांड में आरोपी बनाए गए दोनों दरोगाओं के गुरुवार रात चौबेपुर थाने पहुंचने की चर्चा जोरों पर रही। नए एसपी के आने से पहले दोनों आरोपी थाने क्यों पहुंचे इसके कई कयास लगाए जा रहे हैं। मामले के अन्य आरोपी ग्राम प्रधान मनीष दीक्षित, कृष्ण त्रिवेदी व उसके बेटे अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। थाना प्रभारी ने आरोपियों के थाने पहुंचने की बात से इनकार किया। शुक्रवार को पुलिस ने कानपुर देहात और कन्नौज में कुछ संभावित ठिकानों पर छापा मारा, लेकिन आरोपियों का पता नहीं चला। सूत्रों के अनुसार आरोपी कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में हैं।

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