कानपुर देहात जिले में धान खरीद के लिए 40 केंद्र बनाए गए हैं। सोमवार से खरीद शुरू करने के निर्देश थे, लेकिन पहले दिन किसी भी केंद्र पर बोहनी नहीं हो सकी। केंद्रों पर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने अकबरपुर व पुखरायां मंडी का निरीक्षण किया। इसके साथ ही मौजूद किसानों को नियमानुसार टोकन लेकर बिक्री के निर्देश दिए।
खरीफ वर्ष 2021-22 में शासन के निर्देश पर एक नवंबर से धान खरीद के निर्देश शासन की ओर से दिए गए हैं। धान खरीद के लिए जिले में 40 केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें अकबरपुर ब्लाक में तीन, सरवनखेड़ा में एक, मैथा में चार, डेरापुर में पांच, झींझक में सात, रसूलाबाद में आठ, राजपुर में चार केंद्र बनाए गए हैं। वहीं संदलपुर में दो, अमरौधा में चार, मलासा में दो केंद्र धान खरीद के लिए बनाए गए हैं। पहले दिन सोमवार को सभी केंद्र खुले रहे, लेकिन अधिकांश केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं कुछ केंद्रों पर किसान पहुंचे, जबकि अधिकांश केंद्रों पर एक भी किसान धान लेकर नहीं पहुंचा। इससे पहले दिन जिले में बोहनी तक नहीं हो सकी। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने अकबरपुर मंडी व पुखरायां मंडी में बने केंद्रों का निरीक्षण किया। यहां मौजूद किसानों के प्रपत्र जांचने के बाद उन्होंने जानकारी ली। अकबरपुर मंडी में सैंपल लेकर पहुंचे नौरंगाबाद निवासी लाल सिंह के धान को जांचा इसके साथ ही कुईतखेड़ा निवासी किसान राम प्रसाद, नहोली निवासी लल्ला सिंह, कुईतखेड़ा निवासी शांति देवी को धान खरीद के नियमों के बारे में बताया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि धान खरीद के लिए जिले में 40 केंद्र बनाए गए हैं, पहले दिन किसी भी किसान से धान नहीं खरीदा जा सका। कुछ केंद्रों का निरीक्षण किया है जहां व्यवस्थाएं दुरुस्त मिली हैं।
एडीएम वित्त ने अकबरपुर मंडी की देखी व्यवस्था
धान खरीद केंद्र की व्यवस्था जांचने के लिए सोमवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व जगदंबा प्रसाद गुप्ता ने अकबरपुर मंडी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंडी में मौजूद किसानों से जानकारी ली। इसके साथ ही केंद्र प्रभारी को निर्देश दिए कि खरीद में लापरवाही न की जाए और आने वाले किसानों से क्रमवार खरीद की जाए।
