इनसैट पटाखों से करें तौबा

औरैया। एक विचित्र पहल सेवा समिति औरैया के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि पराली व पटाखों का धुआं पर्यावरण को बराबर नुकसान पहुंचा रहा है, दीपावली आदि खुशी के अवसरों पर चंद्र सेकंडो में तेज रोशनी व धमाकों के साथ चलाई जाने वाली आतिशबाजी से निकलने वाले जहरीले धुएं में मौजूद खतरनाक रसायनिक तत्व पर्यावरण प्रदूषित कर मानव शरीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं, धुएं में मौजूद कैडमियम फेफड़ों में ऑक्सीजन की मात्रा को कम करता है, जबकि सल्फर, कॉपर, बेरियम, लेड, अल्मुनियम व कार्बन डाइऑक्साइड आदि सीधे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती हैं, कोरोना काल में सांस की तकलीफ वालों को ज्यादा प्रभावित किया है, इसलिए पटाखों का धुआं स्वसन तंत्र को संक्रमित कर करोना को बढ़ावा दे रहा है, उन्होंने लोगों से इस बार पटाखे न चलाने की अपील की हैं।

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