कानपुर में दीपावली के मौके पर लोगों ने उत्साह में 40 करोड़ रुपये के पटाखे फूंक दिए। ग्रीन पटाखों की कमी को पुराने स्टाक से पूरा कर दिया गया। थोक में जरूर सात ही लाइसेंस धारक ने दुकानें लगाईं लेकिन फुटकर में उन स्थानों पर भी खूब दुकानें लगीं जहां अनुमति तक नहीं दी गई थी।
दीपावली के मौके पर थो
क बाजार जाजमऊ में जाने से जो लोग वहां से पटाखे खरीदना चाहते थे, वे थोड़ा परेशान हुए लेकिन उनकी इस परेशानी का हल भी खुद पटाखा कारोबारियों ने निकाल दिया। दीपावली की सुबह से ही मूलगंज, मेस्टन रोड के आसपास खुलकर पटाखे बिके। बड़ी संख्या में लोगों ने सीधे बिसाती बाजार में जाकर वहां से पटाखे पैक कराए और लेकर चले गए। शुरुआत में एक दिन सख्ती दिखाने के बाद पुलिस ने दीपावली वाले दिन इस ओर से नजरें फेर लीं। ज्यादातर थोक पटाखा कारोबारियों के पास पिछले वर्ष के पटाखे रखे हुए थे क्योंकि अंतिम मौके पर पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। जहां जाजमऊ में ग्रीन पटाखे बेचे गए वहीं मेस्टन रोड और मूलगंज में पुराना स्टाक बेचा गया। इसी पुराने स्टाक को निकालने के लिए ही ज्यादातर दुकानदारों ने इस बार दुकानें भी नहीं लगाईं। शहर में जितना पटाखा थोक दुकानों से नहीं बिका उससे ज्यादा पटाखे फुटकर आतिशबाजी की दुकानों में नजर आया। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने खूब उत्साह से पटाखे खरीदे। पटाखों की बिक्री के लिए कुछ फुटकर दुकानदारों ने ऐसे स्थानों पर दुकानें लगा लीं जहां अनुमति भी नहीं दी गई थी।
