तीन साल बाद शहर की हवा में सबसे कम जहर घुला

कानपुर में दिवाली पर तीन साल बाद शहर की हवा में सबसे कम जहर घुला। इसकी वजह बनी पटाखा कारोबार में पांच गुना की गिरावट। बृहस्पतिवार रात 10 बजे नेहरूनगर स्थित सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के पॉल्यूशन मीटर पर शहर का एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 391 दर्ज किया गया। जबकि औसत एक्यआई 260 रहा। हालांकि, सेहत के लिए यह स्थिति भी ठीक नहीं है।
त्योहार पर बाजारों में भीड़ उमड़ने से जाम लगने और खराब सड़कों की वजह से सोमवार को शहर का एक्यूआई इस सीजन में सबसे अधिक 408 तक पहुंच गया था। माना जा रहा था कि दिवाली पर आतिशबाजी से हालात और खराब होंगे। लेकिन, प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की बिक्री पर पुलिस-प्रशासन की सख्ती का असर दिखा।
इससे दिवाली पर 50 करोड़ के आसपास होने वाला पटाखा कारोबार ठंडा पड़ गया। इस बार लगभग 10 करोड़ के ही पटाखों की बिक्री हुई। यही वजह रही, जिससे रात आठ बजे के बाद जोर पकड़ने वाली आतिशबाजी हर साल की तुलना में काफी कम हुई।

शाम ढलने के बाद बढ़ा एक्यूआई
नेहरूनगर पॉल्यूशन मीटर पर बृहस्पतिवार शाम एक्यूआई 379 था। बुधवार के मुकाबले यह 75 ज्यादा था। इसके बाद किदवईनगर क्षेत्र का एक्युआई 227, आईआईटी का 203 और नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट का 205 रहा। देरशाम आतिशबाजी शुरू होने के बाद एक्यूआई में बढ़ोतरी तो हुई पर उस अनुपात में नहीं, जितनी पिछले वर्षों में हुई थी। रात 10 बजे यह 391 तक गया, लेकिन 11 बजे फिर 386 पर आ गया।

फिलहाल, सुबह की सैर से बचें
सांस रोग विशेषज्ञों की सलाह है कि एक-दो दिन लोग सुबह की सैर पर न जाएं। धूप निकलने पर घर से बाहर निकलें। घर के अंदर योग और प्राणायाम कर सकते हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एसके कटियार ने बताया कि जिन्हें पहले से अस्थमा, सीओपीडी है या फिर पोस्ट कोविड रोगी हैं, वे एहतियात बरतें।

दिवाली पर शहर की हवा में जहर का आंकड़ा
वर्ष : एक्यूआई
2020 : 522
2019 : 600
2018 : 701

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