कानपुर गौशाला सोसायटी के तत्वाधान में शाखा भौती कानपुर में बड़े धूमधाम से गोवर्धन पर्वत पूजा का आयोजन किया गया जिसमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी नए वस्त्र पहन कर आई थी यह मनोरम दृश्य देखते ही बन रहा था! गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर जल मौली, रोली ,चावल , दूध, दही तथा तेल का दीपक जलाकर पूजा की गई तथा परिक्रमा के बाद मौजूद सदस्यों ने गायों को गुड़ खिलाकर कार्यक्रम प्रारंभ किया मौजूद लोगों को पंचामृत फल मिष्ठान का वितरण किया गया।
श्री सुरेंद्र मैथानी विधायक सदस्य कानपुर गौशाला सोसायटी ने भौती में गोवर्धन पूजा का महत्व बताते हुए कहा कि कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन उत्सव मनाया जाता है इस दिन बलि पूजा अन्नकूट आदि उत्सव संपन्न होते हैं अन्नकूट गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण के अवतार के बाद द्वापर युग में प्रारंभ हुआ उसमें सिर्फ ब्रज में इंद्र भगवान की पूजा की जाती थी ।मगर भगवान कृष्ण गोकुल वासियों को तर्क दिया कि इंद्र से ह
में कोई लाभ प्राप्त नहीं होता है वर्षा करना उनका कार्य है और वह सिर्फ अपना कार्य करते हैं जबकि गोवर्धन पर्वत गोधन का संरक्षण व संवर्धन करता है ।जिससे पर्यावरण भी शुद्ध होता है ।इसलिए इंद्र को नहीं गोवर्धन की पूजा की जानी चाहिए इससे भगवान इंद्र नाराज हो गए और उन्होंने काफी वर्षा कर ब्रज वासियों को डराने का कार्य किया। इस पर श्री कृष्ण भगवान ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छगुनिया में उठा लिया और इंद्र के कोप से बचा लिया तब से इंद्र भगवान की जगह गोवर्धन पर्वत की पूजा करने का विधान शुरू हो गया यह परंपरा आज भी जारी है !
श्री सुरेश गुप्ता उपसभापति / संयोजक ने अपने संबोधन में कहा कि कार्तिक माह में जब हवन ,पूजन, अर्चन से फल प्राप्त के लिए पूजा करनी चाहिए मान्यता के अनुसार गोवर्धन पर्व श्री कृष्ण और गोवर्धन के साथ राजा बलि के ऊपर बामन भगवान के अवतार बामन भगवान को अपने समस्त राज्य और शरीर का दान किया था !
श्री पुरुषोत्तम लाल तोषनीवाल महामंत्री कानपुर गौशाला सोसायटी ने भी गोवर्धन पूजा के संबंध में बताते हुए कहा कि जब बृजवासी 7 दिन तक गोवर्धन पर्वत की शरण में रहे सुदर्शन चक्र के प्रभाव से ब्रज वासियों पर एक जल की बूंद भी नहीं पड़ी ब्रह्मा जी ने इंद्र भगवान को बताया कि पृथ्वी पर श्री कृष्ण भगवान ने जन्म ले लिया है उनसे तुम्हारा बैर होना उचित नहीं इस श्री कृष्ण अवतार की बात मानकर इंद्रदेव अपनी मूर्खता पर बहुत लज्जित हुए और श्री कृष्ण भगवान से क्षमा याचना की श्री कृष्ण भगवान ने गोवर्धन पर्वत को नीचे रखकर ब्रज वासियों से कहा कि अब प्रतिवर्ष गोवर्धन पूजा अन्नकूट का पर्व उत्साह से मनाएं भारतीय लोकजीवन में काफी महत्व है और प्रकृति के साथ मानव का सीधा संबंध दिखाई देता है! कार्यक्रम में श्री सुरेंद्र मैथानी विधायक ,सुरेश गुप्ता उपसभापति, पी.एल.तोषनीवाल महामंत्री ,श्री कृष्ण गुप्त बब्बू जी मंत्री ,नीरज दीक्षित दिवाकर मिश्रा संदीप जैन सभी कार्य समिति सदस्य ,नंद किशोर मिश्र लालू, किशोर कालरा, सरदार मंजीत सिंह, ऋषभ ,राम गोपाल मिश्रा, संजीव दुबे, विवेक सिंह राजावत ,महेश पांडे, दिनेश शुक्ला सहित गौशाला के कर्मचारी गण तथा गौ भक्त मौजूद थे।
