भाई दूज के दिन कानपुर जिला कारागार में सारी बंदिशों को तोड़कर बहनो को उनके भाइयो से मिलवाया गया,,,,,जेल के भीतर भाई के माथे पर तिलक लगाकर बहनो ने भाई दूज का पर्व मनाया,,,,अपने भाइयो से मिलने के लिए बहने सुबह से ही जिला कारागार पहुँच गयी थी,,,,बहनो की भारी भीड़ को देखते हुए जेल अधीक्षक की तरफ से ख़ास व्यवस्था की गयी,,,,,
आपको बता दे कि दीपावली के साथ ही भाई-बहन के पावन प्रेम का प्रतीक भाई दूज का अपना विशेष महत्व है,,,,, बहनें इस पर्व पर भाई की मंगल कामना कर अपने को धन्य मानती हैं,,,, उत्तर और मध्य भारत में यह पर्व मातृ द्वितीया भैया दूज के नाम से जाना जाता है,,,,इस पर्व पर बहनें प्रायः गोबर से मांडना बनाती हैं, उसमें चावल और हल्दी से चित्र बनाती हैं तथा सुपारी फल, पान, रोली, धूप, मिष्ठान आदि रखती हैं, दीप जलाती हैं,,,,,इस दिन यम द्वितीया की कथा भी सुनी जाती है,,,,
