दुष्कर्म मामले में गवाह को फर्जी तरीके से जेल भेजने का मामला, इंस्पेक्टर व विवेचक पर कार्रवाई को भेजी रिपोर्ट
Sun, 07 Nov 2021
प्रयागराज में सीएमपी डिग्री कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर मदन यादव के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म केस में गवाह को फर्जी तरीके से जेल भिजवाने के प्रकरण में नया तथ्य प्रकाश में आया है। पता चला है कि असिस्टेंट प्रोफेसर ने गाजीपुर की मूल निवासी दुष्कर्म पीडि़ता प्रतियोगी छात्रा के खिलाफ जार्जटाउन थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा गया था कि पीडि़ता ने कालेज में घुसकर उसके साथ गाली-गलौज करते हुए सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई और जान से मारने की धमकी दी।
छात्रा के विरूद्ध चार्जशीट दाखिल की गई थी
असिस्टेंट प्रोफेसर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना तत्कालीन दारोगा बलवंत यादव को सौंपी गई थी। विवेचक ने सभी तथ्यों को समाहित नहीं किया। गुण-दोष के आधार पर ठीक से विवेचना नहीं की और पीडि़त छात्रा के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर दी थी। तत्कालीन इंस्पेक्टर जार्जटाउन शिशुपाल शर्मा ने भी पर्यवेक्षण ठीक से नहीं किया था।
कोर्ट के आदेश पर असिस्टेंट प्रोफेसर पर दर्ज हुआ केस
एसपी सिटी की जांच में लापरवाही सामने आई। अब इंस्पेक्टर व विवेचक के विरुद्ध कार्रवाई के संबंध में एसएसपी को रिपोर्ट भेजी गई है। कहा जा रहा है कि अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे से परेशान पीडि़ता ने पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। इस पर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया तब कोर्ट के आदेश पर असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। अब विवेचना सीओ कर्नलगंज कर रहे हैं।
मुकदमे में विवेचक ने लापरवाही बरती थी
पुलिस का कहना है कि असिस्टेंट प्रोफेसर के पक्ष से एक शख्स ने छात्रा के विरुद्ध जार्जटाउन थाने केस दर्ज कराया है, उसकी जांच भी चल रही है। दोनों पक्ष से जार्जटाउन में तीन मुकदमे लिखे गए थे, जिसमें एक में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया है। इसी मुकदमे में विवेचक ने लापरवाही बरती थी, जिसमें कार्रवाई की बात कही जा रही है l

