कानपुर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर उनके 15 किमी रूट को गंदगी और धूल मुक्त कर दिया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री के जाते ही 24 घंटे में फिर शहर वापस पुराने ढर्रे पर लौट आया। सीएम के रूट पर बुधवार को गंदगी का एक भी नामोनिशान नहीं नजर आ रहा था। जो कूड़ाघर सजे धजे दिख रहे थे, वो गुरुवार को गंदगी से पटे पड़े थे। कूड़ाघर के अंदर गंदगी न डालकर कर्मचारी बाहर ही हाथ कूड़ा गाड़ी पलटा दे रहे थे। गंदगी के कारण लोगों का सांस लेना दूभर था।
मुख्यमंत्री मोतीझील से होकर कोकाकोला चौराहा होते हुए श्यामनगर गए थे। गुमटी नंबर पांच जीटी रोड से जरीब चौकी के बीच में कूड़ाघर पड़ता है। इसको छिपाने के लिए नगर निगम ने की टीम ने कूड़ाघर की दीवारों में स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 के चित्र और सफाई पर ध्यान दें जैसे स्लोगन लिखे गए थे। साथ ही कूड़ा यहां पर नहीं डाला गया। यही हाल जीटी रोड में पड़ने वाले अन्य कूड़ाघरों का था। डिवाइडर के किनारे फैली धूल तक हटा दी गई थी। मुख्यमंत्री के निकलने तक हर 50 मीटर पर कर्मचारी लगाए गए थे ताकि गंदगी आने पर तुरंत हटाई जा सके। गुरुवार को नजारा बदला हुआ था। जगह-जगह गंदगी पड़ी थी। कूड़ाघर के बाहर ही कर्मचारी कूड़ा डाल रहे थे। कूड़े से उठने वाली बदबू के कारण राहगीरों और वाहन चालकों का निकलना दूभर था। रेलवे लाइन की टूटी बाउंड्रीवाल ढकने के लिए लगाए गए तिरपाल भी हटा दिए गए थे। डिवाइडर के किनारे धूल भरी हुई थी।
