कानपुर देहात में धान खरीद शुरू हुए 10 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन इसके बाद भी जिले में खरीद की रफ्तार सुस्त है। धान खरीद के लिए जिए में बनाए गए 48 केंद्रों में अब तक 547 क्विंटल ही धान की खरीद हो सकी है, बारिश के कारण खेतों से कटान प्रभावित हुआ। इसके अलावा सड़न व गलने से चावल का रंग भी बदल गया है। इससे भी केंद्र से धान वापस हो रहा है।
खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में धान खरीद के लिए जिले में खाद्य विभाग, यूपीएसएस, पीसीयू, पीसीएफ सहित पांच एजेंसियों के 48 केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन कई केंद्रों पर अभी तक बोहनी भी नहीं हो सकी है। बारिश के कारण जहां धान की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। वहीं फसल में नमी के कारण कटान भी नहीं हो पा रहा है, जिन किसानों ने गीले धान का कटान किया है उनकी धान के दाने काले होने से अब बिक्री करने में समस्या हो रही है। एक नवंबर से शुरू हुई खरीद के बाद भी अब तक खरीद की रफ्तार नहीं बढ़ सकी है। जिले में अब तक 547 क्विंटल ही धान की खरीद की जा सकी है। केस -1
डेरापुर कस्बे में खाद्य विभाग की ओर से गुरुवार को 60 क्विंटल धान की खरीद गई। खरीद केंद्र पर पहले किसान के पहुंचने पर एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद ने उन्हें फूल माला पहनाकर सम्मानित किया जबकि तहसील के अन्य केंद्रों पर अभी खरीद न के बराबर ही है। केस – 2
अकबरपुर मंडी स्थित खरीद केंद्र पर गुरुवार को एक किसान से 35.20 क्विंटल धान की खरीद की गई। जबकि अब तक 142 क्विंटल ही धान की खरीद हो सकी है। गुरुवार को मंडी में मनोज त्रिवेदी धान बिक्री करने के लिए पहुंचे, जिस पर मानकों का पालन करते हुए उनसे धान खरीदा गया।
गत माह हुई बारिश के कारण धान की फसल को नुकसान हुआ है, जिससे गुणवत्ता में गिरावट हुई है। वहीं नमी के कारण समय से कटान भी नहीं हो पा रहा था। अब तक 35-40 फीसद धान का कटान ही हो सका है, जिसके केंद्रों पर खरीद प्रभावित हो रही है।
-राघवेंद्र प्रताप सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
