कानपुर देहात जिले में अमराहट थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी का शव पेड़ पर फंदे पर लटका मिला। स्वजन ने छह माह पूर्व छेड़खानी करने वाले आरोपितों पर हत्या कर शव को लटका देने का आरोप लगा हंगामा किया। पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत कराया। सीओ व पुलिस संग फोरेंसिक टीम पहुंची और छानबीन की।
क्षेत्र के एक किसान की कक्षा 11 में पढ़ने वाली 16 वर्षीय किशोरी शुक्रवार रात को शौंच करने के लिए खेत गई थी। इसके बाद वह लौटकर वापस नहीं आई। इस पर स्वजन ने खोजबीन की पर पता नहीं चल सका। शनिवार सुबह भी उसकी खोजबीन करने में जुटे पर पता नहीं चला। बाद में गांव के बाहर पश्चिम दिशा की ओर पेड़ पर गमछे के फंदे से शव लटका था। इस पर रोना-पीटना मच गया। स्वजन ने गांव के ही हीरू व आलोक पर हत्या कर शव को लटका देने का आरोप लगा हंगामा शुरु कर दिया। स्वजन का कहना था कि छह माह पूर्व इन्होंने कालेज जाते समय बेटी से छेड़खानी की थी और विरोध करने पर स्वजन संग घर में घुसकर मारपीट की थी। वह लोग धमका रहे थे और उन्होंने ही हत्या की है। मामले में पाक्सो, मारपीट व छेड़खानी का मुकदमा दर्ज हुआ था। सीओ रविकांत गौड़ व देवराहट पुलिस टीम पहुंची और सभी को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। फोरेंसिक टीम पहुंची और जांच करने के साथ ही साक्ष्य संकलित किया। सीओ ने बताया कि आरोप स्वजन लगा रहे हैं और अभी तहरीर नहीं दी है। पीएम रिपोर्ट से मौत का सही कारण पता चलेगा और कार्रवाई होगी।
गिरफ्तारी न करने का लगाया आरोप
स्वजन का आरोप था कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की। आरोपित खुलेआम गांव में घूम रहे थे। अगर समय से कार्रवाई होती तो यह घटना न होती।
आखिर किसका है गमछा
जिस गमछे से फंदा लगाया गया वह आखिर किसका है यह पता नहीं चला। स्वजन गमछे घर का होने से इन्कार कर रहे थे। वहीं पुलिस हत्या व आत्महत्या में उलझी रही। शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं।
