कानपुर से लखनऊ हाई
वे पर जाजमऊ स्थित पुराना गंगा की मरम्मत का काम 15 नवंबर से कराने की तैयारी है। वहीं शुक्लांगज के बंद गंगा पुल की स्थिति को विशेषज्ञों ने देखा है, जिसपर वह अपनी रिपोर्ट देंगे। जाजमऊ पुल की क्षतिग्रस्त बेयरिंग को बदलने की तैयारी है और अच्छी बात यह है कि मरम्मत के दौरान पुल पर यातायात बंद नहीं होगा लेकिन धीमी गति से आवागमन कराया जाएगा।
जाजमऊ के पुराना गंगा पुल की स्थिति बहुत ही खराब है। आइआइटी कानपुर इस पुल की की उम्र, भार क्षमता, बेयरिंग की जांच कर रहा है। आइअाइटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही इस पुल का भविष्य तय होगा। अगर आइआइटी कहता है कि पुल बहुत ज्यादा दिन तक नहीं चलेगा तो फिर एनएचएआइ नए पुल की डिजाइन तैयार कराएगा और डिटेल प्रोजेक्ट बनवाकर उसे स्वीकृति के लिए भेजेगा। वैसे भी तीन साल पहले जब इस पुल की मरम्मत का कार्य हुआ था तब इसकी जांच करने वाली कंपनी ने इसे जर्जर मानते हुए यह कहा था कि पुल को बंद कर दूसरा पुल बनाया जाना चाहिए। हालांकि इसकी बेयरिंग बदलकर और मरम्मत का कार्य कराकर इस पर यातायात फिर शुरू कर दिया गया, लेकिन बार- बार पुल क्षतिग्रस्त हो रहा है और इसकी बेयरिंग फिर टूट गई है। अब 15 नवंबर से बेयरिंग बदलने और मरम्मत का कार्य होगा। आइआइटी टीम पिलर के 25 से अधिक नमूने लेकर जांच कर रही है और रिपोर्ट दिसंबर अंत तक दे देगी। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक पंकज मिश्रा का कहना है कि मरम्मत की अनुमति मिल गई है, अब काम समय से शुरू हो जाएगा।
2021-11-14
