प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किसानों के तीनों काले कानून वापस लेने की घोषणा जनता के साथ छलावा साबित होगा मोदी का किसानों के प्रति प्रेम एक धोखा — डॉ इमरान
कानपुर 19 नवंबर
समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर अध्यक्ष डॉक्टर इमरान ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि देश के प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किसानों के तीनों बिल वापस लेने की घोषणा जनता के साथ छलावा साबित होगा क्योंकि उत्तर प्रदेश में आगामी 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिसकते जना धार से घबराकर तथा सपा की बढ़ती लोकप्रियता के कारण ,प्रधानमंत्री मोदी ने मौखिक तौर पर जनता व देश के किसानों को मूर्ख बनाने के लिए तीनों कृषि काले कानून वापस लेने की घोषणा की है।
डॉक्टर इमरान ने आगे बताया कि जब तक लोकसभा व राज्यसभा में किसान आंदोलन पर बहस के अंतर्गत सर्व सम्मत ध्वनिमत से या काला कानून पास नहीं होता तब तक यह काला कानून वापस नहीं होगा क्योंकि केंद्र की भाजपा सरकार के प्रधानमंत्री अपने वादों से मुकर ने में बहुत माहिर हैं तथा केंद्र सरकार आगामी विधानसभा चुनाव के उपरांत कभी भी अपना फैसला बदल कर फिर से तीनों के कृषि काले कानून लागू कर सकते हैं किसानों द्वारा चलाया जा रहा किसान आंदोलन को आज 1 साल से ज्यादा समय बीत गया है और सैकड़ों किसानों ने आंदोलन करते हुए शहीद हो गए परंतु प्रधानमंत्री मोदी ने किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के प्रति अपनी संवेदना तक प्रकट नहीं की तो अब ऐसा क्या हो गया कि मोदी ने तीनों कृषि काले कानून वापस लेने की अचानक घोषणा कर दी।
डॉक्टर इमरान ने आगे बताया कि उत्तर प्रदेश में आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने भाजपा के प्रति दिखाई दे रहा आक्रोश के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने मौखिक तौर पर किसान आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी है मोदी का किसानों के प्रति प्रेम एक धोखा है केंद्र की भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश में पुनः दोबारा सत्ता पाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकती हैं देश के संविधान के अनुसार कोई भी विधेयक जब लोकसभा व राज्यसभा दोनों सदनों में सर्वसम्मति से पास होता है तब वह विधेयक देश में लागू किया जाता है अगर प्रधानमंत्री मोदी का वास्तव में किसानों के प्रति प्रेम जाग गया है तो आपातकालीन लोकसभा वा राज्य सभा दोनों सदनों को बुलाकर सर्व सम्मत से बहस करा कर तीनों किसी काले कानून वापस लें तभी तीनों काले कानून वापस माने जाएंगे।
