यह मंदिर 4 पीढ़ियों पुराना है। हमारे पर बाबा टीकाराम सिंह ने इसकी नींव रखी थी। इस मंदिर में हनुमान बाबा की मूर्ति के चमत्कार निवाड़ा गंगारामपुर मल्लावा आसपास के ग्रामीण इलाकों में काफी प्रचलित है। अंग्रेजों के समय का मंदिर जहां काफी दूरदराज के ग्रामीण दर्शन को आते हैं और अपनी मन्नतें मांगते हैं। बाबा उन सब मन्नतों को पूरा करते हैं। मंदिर परिसर में ही शंकर जी का शिवलिंग है और सामने नंदी बाबा विराजे हैं। परिसर में ही बाबा ब्रह्म देव का विशाल वृक्ष है जिसमें भक्त शनिवार को सरसों का तेल काले तिल से ब्रह्म देव जी को समर्पित करते हैं। परिसर के बगल में पुराना तालाब है जो कि बाबा हरदेव का स्थान है। ठाकुरद्वारा में श्री कृष्ण राधा विराजे हैं। परिसर के आसपास में बाबा टीकाराम की समाधि है। ह
मारे पूर्वज बाबा मुन्नू सिंह दादी चमेली देवी ने मरणोपरांत बनवाई। बाबा टीकाराम को बीड़ी सिगरेट का प्रसाद चढ़ाते हैं और बाबा खुश होकर मनोकामनाएं पूरी करते हैं। बाबा बड़े दयालु हैं लोगों की आस्था है बाबा पूरी करते हैं। जय बाबा की जय श्री राम।
2021-11-20
