आज दिनांक 26.11.2021 को कानपुर नगर निगम एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में ‘‘संविधान दिवस’’ बी0एन0एस0डी0 शिक्षा निकेतन, बेनाझाबर में मनाया गया ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि श्री सतीश महाना, माननीय औद्योगिक विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश, श्रीमती प्रमिला पाण्डेय, महापौर, कानपुर नगर, श्रीमती स्वप्निल वरूण, जिला पंचायत अध्यक्ष, कानपुर नगर, डॉ0 राजशेखर, आयुक्त, कानपुर मण्डल, श्री शिवशरणप्पा, नगर आयुक्त, नगर निगम एवं कार्यक्रम संयोजिका श्रीमती सोनी पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया।
तत्पश्चात् नगर आयुक्त ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, अधिकारियों/कर्मचारियों, विद्यार्थियों, मीडिया बन्धुओं का अभिवादन किया गया। नगर आयुक्त ने मेक इन इंडिया के तहत लाभकारी योजनाओं का विवरण दिया एवं कहा कि आजादी मंजिल नही राय है, साथ ही नगर निगम, कानपुर द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से संविधान दिवस को 23 जनवरी 2022 तक लगातार मनाये जाने का संकल्प लिया गया है। डॉ0 राजशेखर, आयुक्त, कानपुर मण्डल कानपुर ने कहा कि संविधान दिवस को नगर निगम, जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से वृहत स्तर पर आयोजन का निर्णय लिया गया है, इसके लिये सभी की प्रशंसा की, साथ ही कहा कि विगत 200 सालो का अंत दिनांक 26 नवम्बर 1949 को हुआ, जिससे आने वाले 500-1000 सालों का इतिहास/मार्ग प्रशस्त हुआ, साथ ही कहा कि संविधान अच्छा है, परन्तु तभी इसकी सार्थकता है, जब इसे लागू करने वाले अच्छे हो। संविधान के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु हम आगे बढ़ रहे है। संविधान के दो भाग है पहल अधिकार दूसरा कर्तव्य, दोनों का संतुलन आवश्यक है। संविधान ने अधिकार से बड़ा कर्तव्य है। इसके बिना संविधान के उद्देश्यों की पूर्ति नहीं होगी।
श्रीमती प्रमिला पाण्डेय, महापौर ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में उपस्थित यहां सभी लोगों को मेरा नमन, आज अपने देश पर गर्व करने का पर्व हैं, अपने देश की महान विभूतियों को याद करने का दिन हैं। चाहे वो महान विभूतियॉ हो, जिन्होंने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी, या देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया, चाह वो महानायक हो जिन्होंने किसी शिल्पी की तरह हमारे देश की नई तकदीर लिखी। आज का दिन उस सबसे बड़े महानायक का वंदन करने का दिन हैं, जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के धर्मग्रंथ के रचयिता हैं, हमारे परमश्रद्धेय बाबा भीम राव आंबेडकर जी। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने हमारे संविधान के ड्राफ्ट को मंजूरी दी थी, यानी आज से 73 वर्ष पूर्व हमारी लोकतंत्र की आत्मा ने भारतीय रूपी शरीर में प्रवेश किया था जबकि दो महीने बाद 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ था। मा0 महापौर जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 26 नवंबर 1949 को संविधान को ग्रहण के अवसर पर 2015 में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 125वीं जयंती के मौके पर इसे दिन को संविधान दिवस मनाये जाने का संकल्प लिया गया है। श्रीमती स्वप्निल अरूण, जिला पंचायत अध्यक्ष, कानपुर नगर ने कहा कि संविधान में ‘‘लोकतंत्र की आत्मा’’ है। इस अवसर पर बी0एन0एस0डी0 स्कूल के छात्र श्री चिरंजीव अनुज शुक्ला ने कविता के माध्यम से संविधान की व्याख्या की।
कार्यक्रम संयोजिका श्रीमती सोनी पाण्डेय ने नगर निगम, जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग कार्यक्रम के सहयोग के लिये सभी का आभार व्यक्त किया।
अंत में मुख्य अतिथि श्री सतीश महाना, औद्योगि विकास मंत्री, उ0प्र0 सरकार ने कहा कि वर्ष 1947 से स्वतंत्रता की आशा थी एवं वर्ष 1947-49 का समय स्वतंत्रता प्राप्ति का द्योतक है। संविधान को चलाने वाले यदि अच्छे न हो तो संविधान निर्जीव है। संविधान के संचालक सच्चे देश सेवक है। हमारी सरकार का उद्देश्य है सबका साथ-सबका विकास। तदोपरान्त मुख्य अतिथि ने उपस्थित जन समूह संविधान की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर श्री सतीश महाना, माननीय आद्योगिक विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, श्रीमती प्रमिला पाण्डेय, महापौर, कानपुर नगर, श्रीमती स्वप्निल वरूण, जिला पंचायत अध्यक्ष, कानपुर नगर, डॉ0 राजशेखर, आयुक्त, कानपुर मण्डल, श्री शिवशरणप्पा, नगर आयुक्त, नगर निगम, श्री सूर्य कान्त त्रिपाठी, अपर नगर आयुक्त, श्रीमती रोली पाण्डेय, अपर नगर आयुक्त, श्री स्वर्ण सिंह, उप नगर आयुक्त एवं कार्यक्रम संयोजिका श्रीमती सोनी पाण्डेय एवं अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विभिन्न विभागों के अधिकारी/कर्मचारी, विद्यार्थियों, मीडिया बन्धु इत्यादि उपस्थित रहे।
2021-11-26
