सावधान ! कानपुर शहर में घुस आया तेंदुआ, VSSD कालेज के सीसीटीवी में आया नजर

कानपुर शहर में एक तेंदुआ खुला घूमते हुए देखा गया है, जिसे लेकर लोगों में दहशत फैल गई है। वीएसएसडी कालेज के सीसी टीवी फुटेज में तेंदुआ नजर आने के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है और गंगा कटरी इलाके में कांबिंग शुरू कर दी है। गंगा बैराज से सटे शहर की ओर के क्षेत्र में तेंदुआ घूम रहा है, फिलहाल अभी उसकी सही लोकेशन का पता नहीं चल सका है। प्रशासन और पुलिस ने ड्रोन से भी क्षेत्र की निगरानी शुरू करा दी है।

कानपुर में गंगा बैराज के पास शुरू होने वाली बस्ती से कटरी क्षेत्र का इलाका है और इससे सटा हुआ नवाबगंज का क्षेत्र है। यहीं पर वीएसएसडी डिग्री कालेज है और गंगा की ओर कालेज का बड़ा मैदान है। बीती शनिवार की रात कालेज कैंपस में एक तेंदुआ घुस आया तो आनन फानन सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस के साथ वन विभाग की टीम भी पहुंची लेकिन इससे पहले तेंदुआ कहीं चला गया। वन विभाग की टीम ने कालेज की सीसीटीवी फुटेज देखी तो उसमें तेंदुआ घूमते हुए नजर आया।

नवाबगंज का इलाका घनी बस्ती वाला है, यहां बड़ी संख्या में आबादी रहती है, इससे सटा विष्णुपुरी का इलाका आता है। तेंदुआ आने की जानकारी सुबह जब लोगों को हुई तो क्षेत्र में दहशत फैल गई है। गंगा किनारे क्षेत्र में बने मकानों में रहने वाले खासा डरे हुए हैं और बच्चों को सुरक्षित कर लिया है। फिलहाल वन विभाग की टीम पैरों के निशान के आधार पर तेंदुआ का पता लगाने के लिए सक्रिय हो गई है। रविवार सुबह तक दोबारा तेंदुआ कहीं नहीं दिखा है।

वन विभाग की टीम में शामिल अफसरों ने आशंका जताई है कि कालेज कैंपस से एक नाला गंगा किनारे तक जाता है, संभव है उसके रास्ते तेंदुआ कैंपस तक आया होगा और फिर उसके रास्ते ही वापस चला गया है। फिलहाल पुलिस और वन विभाग ने तेंदुओ की लोकशन पता करने के लिए ड्रोन से निगरानी कराने की तैयारी की है। इसके अलावा कैंपस में एक पिंजड़ा भी लगा दिया गया है ताकि यदि दोबारा तेंदुआ आता है तो उसे पकड़ा जा सकता है।

वन विभाग एक और पिजड़ा लगाने की तैयारी कर रही है। आसपास क्षेत्र में फ़ोर्स तैनात कर दी गई है और वन विभाग की टीम कांबिंग कर रही है। कानपुर के जू के चिकित्सक मो. नासिर ने बताया तेंदुआ एडल्ट है और उसेउ आबादी क्षेत्र में घुसने से रोकने के लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। डीएफओ अरविन्द यादव ने बताया पहले तेंदुआ को सामन्य तरीके से पकड़ने का प्रयास किया जाएगा, यदि सफलता नहीं मिलती है तो उसे ट्रैंकुलाइज करेंगे। इसकी अनुमति शासन के अफसरों से ली गई है, जिलाधिकारी को भी जानकारी दी गई है।

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