कानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंडी समिति द्वारा स्थापित मंडियों के बाहर व्यापार कर रहे थोक किराना व्यापारियों पर मंडी लाइसेंस पुनः लागू कर दिया है जिसको व्यापारी कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। इन्हीं सब बातों को लेकर कानपुर उद्योग व्यापार मंडल ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करते हुए मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीकमचंद सेठिया ने बताया कि 08 जून 2020 को प्रदेश सरकार ने अध्यादेश जारी कर मंडी से बाहर व्यापार कर रहे उपरोक्त व्यापारियों को मंडी शुल्क समाप्त करते हुए लाइसेंस की अनिवार्यता से मुक्त कर दिया था। जिससे व्यापारियों को मंडी प्रपत्र, प्रवेश पर्ची, 9-आर, गेटपास के झंझट से मुक्ति मिल गई थी। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार में मंडी शुल्क पुनः लागू कर व्यापारियों को मंडी समिति के अधिकारियों व कर्मचारियों के शोषण व भ्रष्टाचार के हवन कुंड में आहुति देने का कार्य किया है। उपरोक्त आदेश लागू होने से किराना व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है।
इस संबंध में आपके समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर रहे हैं। अतः आपसे अनुरोध है कि मंडी परिसर के बाहर कर रहे व्यापारियों के व्यापार को पूर्व की भांति नियम लागू रखा जाए। प्रदेश का व्यापारी समाज आपकी ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है कि कृषि उत्पादन मंडी शुल्क अध्यादेश को वापस कर व्यापारियों को राहत देने का अवश्य आदेश करेंगे।
