कानपुर : मोक्षदा एकादशी, जो गीता जयंती के नाम से भी जानी जाती है। इसी दिन भगवान् श्री कृष्णा ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र के मैदान में गीता का उपदेश दिया था । इस अवसर पर इ
स्कॉन कानपुर के सभी भक्तो ने सुबह गीता के प्रचार के लिए १२५ गीता को वितरित करने का संकल्प ले कर कानपूर के विभिन्न स्थानों पर गीता वितरण करने के लिए पहुंचे और वहाँ पर व्यापारियों दम्पतियो और विभिन्न क्षेत्र वासियो को गीता का महत्व बताते हुए उन्हें गीता को आत्मसात करने तथा उसके दान करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस मौके पर किदवई नगर के कृष्णा सिंह जी के सहयोग से साकेतनगर स्थित सुभाष समारक इण्टर कॉलेज में विद्यार्थियो को मुफ़्त में गीता वितरित की गयी।गीता जयंती के अवसर पर इस्कॉन कानपुर मंदिर में गीता गान का भी आयोजन किया गया जिसमे गीता के सभी ७०० श्लोक का मंदिर के प्रमुख प्रेमहरिनाम जी के नेतृत्व में गान किया गया। इस मौके पर गीता के महत्व को बताते हुये आदिश्याम प्रभु जी गीता के सभी १८ अध्याय का सारांश रूप में बताया कि कैसे गीता के १८ अध्याय में से मध्य के ६ अध्याय जो भक्ति योग के बारे में बताते है उसको भगवान् श्री कृष्णा ने गीता का सबसे महत्वपूर्ण डायमंड बताया है। और अंतिम अध्याय जो भगवन श्री कृष्णा कि पूर्ण सरनागति लेना ही पूर्णता बताता है , जिससे हम समस्त पापो से मुक्त होकर , मोक्ष अर्थात गोलोक वृन्दावन धाम कि प्राप्ति करते है और इस सरनागति का सरल तरीका का “मनमाना भाव माध भक्तो ” अर्थात कृष्णा का हमेशा चिंतन करना और भगवान श्री कृष्णा के हरे कृष्णा महामंत्र का जपा करना। पुरे दिनभर भक्त लोगो ने अथक प्रयास करके करीब १५ हज़ार गीता का वितरण किया।
इस मौके पर इस्कॉन मंदिर के मीडिया प्रभारी कूर्मावतार जी ने समस्त कानपूर वासियो से गीता के महत्ता को समझने का तथा इस्कॉन कानपुर को गीता को घर घर पहुंचाने में सहयोग करने का आग्रह किया। इस्कॉन कानपूर इस वर्ष गीता को कानपूर जेल तथा स्कूल विधार्थियो तक पहुंचाने के लिए कानपूर वासियो से सहयोग का आग्रह कर रहा है।
2021-12-15
