गैंगरेप पीड़िता नवजात के साथ इस दुनिया को छोड़ कर चली गई

कानपुर। साढ़ में जिस तरह से एक दुष्कर्म पीड़िता पिछले 10 माह से इंसाफ के लिए थाने से लेकर आलाधिकारियों के चौखट पर चक्कर लगाते-लगाते आरोपी के बच्चे की मां बनी, वैसे ही ककवन पुलिस की कारगुजारी के चलते गैंगरेप पीड़िता नवजात के साथ इस दुनिया को छोड़ कर चली गई। दोनों केस सेम हैं और दोनों में पुलिस ने पीड़िताओं के साथ खेल कर दरिंदों को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी। मृतका के परिवारवालों का आरोप है कि लेखपाल ने मुकदमा वापस लेने के दबाव बनाया। बेटी ने इंकार कर दिया तो उसके पेट पर घूसों से हमला कर दिया था। जिसके कारण जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई।ककवन थाना क्षेत्र में 15 साल की बच्ची से लेखपाल और उसके 3 साथियों ने रेप किया था। इसके बाद रोज उसका शोषण करने लगे। यहां तक कि वह गर्भवती हो गई। उसके प्रेग्नेंट होने का पता चलने पर पीड़िता के पिता ने 11 अक्टूबर 2021 को लेखपाल रंजीत बरबार, करन उर्फ बड़ऊ व दो अज्ञात पर रिपोर्ट कराई थी। सोमवार को पीड़िता की हालत खराब हुई तो परिवारवाले अस्पताल लेकर पहुंचे। उसे हैलट में भर्ती कराया गया। प्रसव के दौरान नवजात के साथ ही मंगलवार को उसकी भी मौत हो गई।किशोरी की मौत के बाद परिवारवालों ने आरोप लगाया है कि सोमवार शाम को लेखपाल किशोरी को अकेला पाकर झोपड़ी में घुस आया था। मुकदमा वापस नहीं लेने की बात पर पीड़िता को जमकर लात-घूसों से पीटा था। 6 महीने की गर्भवती के पेट में लात मारने से उसकी हालत बिगड़ गई और यह देखकर लेखपाल भाग निकला था। गंभीर हालत में पीड़िता को लेकर परिजन सीएचसी और फिर हैलट पहुंचे थे। प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई ।परिवार वालों ने बताया जेल गया आरोपी करन और लेखपाल के बीच गहरी दोस्ती थी। करन के बुलावे पर लेखपाल अक्सर गांव आता है शराब की पार्टी करता था। आरोप है कि करन ने ही दुष्कर्म की साजिश रची। उसने झांसे में लेकर किशोरी को बुलाया और लेखपाल के सामने उसे परोस दिया था। इसके बाद करन, लेखपाल और दो अन्य ने मिलकर किशोरी से गैंगरेप किया और मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले थे।
परिवार वालों का आरोप है कि आरोपी रंजीत उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील इकाई का अध्यक्ष है। उस पर विभाग भी मेहरबान रहा है। एफआईआर दर्ज हुए दो महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन उसके खिलाफ अब तक विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है। यहां तक कि उसको निलंबित तक नहीं किया गया। इससे लेखपाल की हनक का अंदाजा लगाया जा सकता है। मृतका के ताऊ ने बताया कि घटना के बाद से लेखपाल परिवार को धमकी देता आ रहा है। पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
मृतका के ताऊ ने सीओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि 25 दिन पहले आरोपी लेखपाल उत्तरीपुरा में मिला था। लेखपाल ने हमसे कहा था कि तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे। मैं सरकारी मुलाजिम हूं और सीओ राजेश कुमार से मेरे अच्छे संबंध हैं। ताऊ का आरोप है कि लेखपाल ने कहा था कि जांच अधिकारी को मैंने छह लाख रुपए दिए है। अब उसका कुछ नहीं होगा। पीड़िता के ताऊ का आरोप है कि सीओ के कारण लेखपाल बाहर घूमता रहा और इसी का परिणाम है कि अब हमारी बिटिया इस दुनिया से चली गई।पीड़िता के ताऊ का आरोप है कि, सीओ राजेश कुमार ने लेखपाल रंजीत से साठगांठ करने के बाद मानकों को ताक पर रखकर मुकदमे से एससी एसटी एक्ट हटा दिया, जबकि अभी 2 आरोपियों के नाम ही सामने नहीं आए हैं। लेखपाल के एससी होने के चलते मुकदमे से ही एससी-एसटी एक्ट हटा दिया। मृतका के परिवारवालों का कहना है कि सीओ से जांच छीनकर ककवन एसओ को दी गई। 23 दिसंबर को कौशलेंद्र प्रताप सिंह को ककवन थाने का चार्ज मिलने पर उन्होंने इसकी जांच शुरू की थी। परिजनों ने तीनों अफसरों पर घालमेल करने का आरोप लगाया है।
एसपी आउटर अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि रेप पीड़िता और उसके बच्चे की मौत हो गई है। बुधवार को पोस्टमार्टम के दौरान नवजात का डीएनए जांच के लिए सैंपल भी लिया जाएगा। दूसरी तरफ के सभी आरोपियों की भी डीएनए जांच की जाएगी। इससे साफ हो जाएगा कि गैंग रेप में आखिर कौन-कौन शामिल था। इसी को आधार बनाकर पुलिस आरोपियों को सख्त सजा दिलाएगी। वहीं कानपुर आईजी रेंज प्रशांत कुमार ने जांच का आदेश दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *