कानपुर देहात के जिला अस्पताल में ओपीडी बंद कराकर कर्मचारियों ने हंगामे के मामले में गोद में बच्ची लिए युवक पुनीत शुक्ला को तत्कालीन थाना प्रभारी विनोद मिश्र के लाठी मारने का वीडियो जमकर वायरल हुआ था। यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बना था। काफी आलोचनाओं के बाद थाना प्रभारी विनोद मिश्र पर निलंबन की कार्रवाई हुई थी। अब मामले में एक चौंकाने वाली चीज सामने आई है कि पुनीत हमीरपुर का हिस्ट्रीशीटर है। उसके ऊपर वहां के सुमेरपुर व आसपास के थानों में 12 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही। वहीं गुरुवार को जिला अस्पताल के कर्मचारी नेता व वार्ड ब्वाय रजनीश शुक्ला को निलंबित कर दिया गया।
नौ दिसंबर को जिला अस्पताल के वार्ड ब्वाय रजनीश शुक्ला ने ओपीडी बंद करा दी थी
और गेट में ताला लगाकर जमकर हंगामा किया था। उसका आरोप था कि मेडिकल कालेज निर्माण में लगे डंपर से धूल उड़ती है साथ ही मिट्टी निकालकर अवैध रूप से बेची जा रही है। पुलिस के पहुंचने पर उसने तत्कालीन इंस्पेक्टर विनोद मिश्र का अंगूठा चबा लिया था व सिपाहियों से अभद्रता की थी। उसका भाई पुनीत जो गोद में बच्ची लिए था उसे पुलिस से छुड़ाने लगा था। इसके बाद उसे लाठी से विनोद मिश्र ने मारा था, इसका वीडियो वायरल होने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। घटना के बाद से पुनीत का कोई पता नहीं था, लेकिन अब उसके हिस्ट्रीशीटर होने की बात पता चली है। हमीरपुर के सुमेरपुर थाने में मादक पदार्थ तस्करी, छेड़खानी, मारपीट, गुंडा एक्ट समेत अन्य मुकदमे दर्ज हैं। उसके ऊपर यह मुकदमे वर्ष 2007 से दर्ज होते चले आ रहे हैं। सीओ अकबरपुर अरूण कुमार ने बताया कि युवक के हिस्ट्रीशीटर होने का पता चला है। जांच में इस बिंदु को भी शामिल किया जाएगा। वहीं रजनीश पर भी एसडीएम संग मारपीट के अलावा अन्य मुकदमे दर्ज हैं।
जांच समिति की रिपोर्ट पर निलंबित हुआ वार्ड ब्वाय:
जिला अस्पताल प्रकरण के बाद सीएमएस डा. वंदना सिंह ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। कमेटी ने रजनीश को दोषी पाया है और उसे गुरुवार को निलंबित कर दिया गया। सीएमएस ने बताया कि रजनीश को निलंबित कर दिया गया है।
