अवैध धन उगाही के लिए स्टाफ नर्स को पुनः दिया सिकंदरा प्रेशर वार्ड में चार्ज
सिकंदरा कानपुर देहात। अवैध धन उगाही करने वाली स्टाफ नर्स पूनम पटेल के खिलाफ हुई थी कार्यवाही इसके बाद नर्स का ट्रांसफर रूरा सीएचसी में कर दिया गया था लेकिन वही अधिकारियों की सांठगांठ से अवैध धन उगाही करने के लिए स्टाफ नर्स पूनम पटेल का पुनः सिकंदरा सीएचसी में चार्ज दे दिया गया है जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरा में बीते 8 नवंबर की रात्रि को प्रसव वार्ड में आए मरीजों से स्टाफ नर्स पूनम पटेल ने अवैध धन उगाही की थी जिसके चलते सीएचसी परिसर में घंटों तीमारदारों ने जमकर हंगामा काटा था इसके बाद मौके पर आए अस्पताल अधीक्षक डॉ पवन कुमार ने तीमारदारों की बात सुनी तो पता चला कि प्रसव वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स पूनम पटेल ने तीमारदारों से अवैध धन उगाही की थी। खबर की जानकारी के अनुसार बीते 8 नवंबर की रात्रि को प्रशव कराने के नाम पर अवैध धन उगाही की बात को लेकर घंटों सीएचसी सिकंदरा में घंटों हंगामा होता रहा। प्रशव वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स पूनम पटेल ने मरीज सोमवती पत्नी राकेश बाबू निवासी उधौंपुर ने बताया कि मुझसे नर्स ने ₹650 लिए हैं जबकि एक और मरीज की ननंद रश्मि ने बताया कि मुझसे भी ₹2000 प्रसव कराने के मांगे गए हैं और 1000 हम दे चुके हैं। जब पीड़ित ननंद ने 1000 और नहीं दिए तो मरीज को रेफर कर दिया। इसके बाद दोनों तीमारदारों ने अस्पताल के अधीक्षक डॉ पवन कुमार को लिखित शिकायत की थी। जिसके बाद स्टाफ नर्स पूनम पटेल के खिलाफ विभागीय जांच कर कार्रवाई की गई जिसका ट्रांसफर रूरा सीएचसी में कर दिया गया था लेकिन अधिकारियों की सांठगांठ से तत्काल कार्यवाही निरस्त हो गई और पुनः अवैध धन उगाही के लिए सिकंदरा सीएचसी के प्रसव वार्ड में चार्ज दे दिया गया। सवाल यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरा में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की सांठगांठ से प्रेशव वार्ड की नर्स द्वारा अवैध धन उगाही करवाईं जाती है लेकिन ऐसे मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी अपने आंखों में काली पट्टी बांधकर बैठे हुए हैं और योगी सरकार की व्यवस्थाओं को पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। अगर इसी तरह से स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी स्टाफ नर्सों से अवैध धन उगाही करवाते रहेंगे तो आगामी 2022 के चुनाव में योगी सरकार का वोटबैंक कम करने का काम किया जा रहा है। और गरीबों से प्रशव कराने के नाम पर अवैध धन उगाही का काम धड़ल्ले से जारी है।
