मा0 राष्ट्रपति जी, भारत श्री राम नाथ कोविंद ने आज पुखरायां कानपुर देहात के रामस्वरूप ग्रामोद्योग इण्टर कालेज में आयोजित अभिनन्दन समारोह में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पुखरायां कार्यक्रम में आने पर मैं यह देख रहा था कि सबसे पीछे युवाशक्ति खड़ी है, युवाओं में सबसे अधिक ऊर्जा होती है। उन्होंने कहा कि आज जब मैं आप सभी के बीच आया हूॅ इससे मेरी पुरानी बहुत सारी चीजें व यादें ताजा हो गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व तीस वर्ष पहले का लम्बा सफर, उस समय जब मैं वर्ष 1991 में घाटमपुर लोक सभा का चुनाव लड़ने के दौरान पुखरायां आया था, तब यहां के लोगों से पहली बार मिला था, यहां के लोगों से मिलने पर मुझे इतनी आत्मीयता, प्यार व सम्मान मिला जो कि मैने अपने जीवन में पहली बार देखा था। उन्होंने कहा कि मेरा कार्यक्षेत्र कानपुर देहात होते हुए भी पुखरायां मेरे कार्यक्षेत्र का केन्द्र बिन्दु रहा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव, लोक सभा चुनाव लडने, राज्यसभा, बिहार के राज्यपाल बनने व राष्ट्रपति बनने तक, पुखरायां ही केन्द्र बिन्दु रहा है। उन्होंने बताया कि मेरी यहां आने की इच्छा काफी समय से थी, कुछ दिन पूर्व प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेट के दौरान बताया कि प्रदेश में कोरोना के काफी केस कम हो गये हैं। इसी चर्चा होने के पश्चात यहा पर आने का कार्यक्रम तय हुआ। उन्होंने कहा कि इसी बीच कार्यक्रम बनने के दौरान केन्द्रीय रेलमंत्री के प्रेसिडेसियल टेªन से यात्रा करने के अनुरोध व रेलवे ने कितनी प्रगति की है का अवलोकन करने के उनके अनुरोध पर टेªन से यात्रा का कार्यक्रम बना। उन्होंने कहा कि रेलवे फे्रड कारिडोर दिल्ली से कलकत्ता ले जाने के प्रोजेक्ट को यात्रा के दौरान देखा जो हमारी आर्थिक गतिविधियों को अत्यंत तेज करेगा इससे लोगों को अत्यंत फायदा होगा। इस परियोजना के अन्तर्गत दो रेलवे लाइनें अलग कर मालगाडी संचालन व माल ले जाने हेतु व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पुखरायां एक व्यवसायिक केन्द्र है तथा यहां के लोग आर्थिक नीति व देश की अर्थ व्यवस्था को समझते है, रेलवे फे्रट कार्डिडोर से यहां के लोगों को भी फायदा होगा।
उन्होंने कहा कि प्रेसिडेंसियल टेªन से यात्रा के दौरान मेरा झींझक, रूरा रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम के पश्चात आज परौंख एवं पुखरायां में कार्यक्रम होने से कानपुर देहात के चारों विधानसभा क्षेत्र का भ्रमण कार्यक्रम हो गया। उन्होंने कहा कि आप लोग जानते है कि मेरा जन्मस्थली परौंख है, लेकिन कर्मस्थली पुखरायां रहा है, उस स्थान को मैं कैसे भूल सकता हूूॅ, उन्होंने कहा कि पुखरायां का इस लिए महत्व है कि आप लोगों का अपार स्नेह व प्यार मिलता है, मुझे यहां के लोगों से मिलना और मित्रों के घर जाना अच्छा लगता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद की अपनी मर्यादा होती है। राष्ट्रपति बनने के साढ़े तीन वर्ष बाद मैं अपने जन्मस्थली परौंख व कर्मस्थली पुखरायां आया हूँ। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के एक कार्यक्रम में जाने पर सरकार का काफी धन खर्च हो जाता है जो देश की जनता का ही पैसा होता है जो वह टैक्स के रूप में देती है। इस व्यय को दृष्टिगत रखते हुए फोन पर लोगों से हालचाल, शुभकामना व संदेश लेते व देते हुए मुझे अच्छा लगता है। उन्होंने कहा कि आप सभी लोगों के प्यार व स्नेह से मुझे जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली जिससे मैं उच्चतम न्यायालय से राज्यसभा से राष्ट्रपति भवन तक पहुंचा इसमें पुखरायां व कानपुर देहात की धरती एवं आप सभी का श्रेय है।
उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी का अवसर मिलना और निभाना कल्पना से परे था जो कभी सोचा नही था, जो मुझे आप सभी लोगों के स्नेह से मिला है। हमारे जनपद में अवसर की समानता को सुनिश्चित करते हुए हमारे स्वतन्त्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं ने जो कार्य किया है उसके लिए इन गणतन्त्र निर्माताओं को हम शत्-शत् नमन करते है, आज मुझे अपने मित्रों और विशिष्टजनों का स्मरण होता है जो हमारे बीच अब नही रहे, इन मित्रों में सत्यनारायण सचान, राजाराम तिवारी, उदयनारायण अग्रवाल, डा0 विशम्भर सचान, श्रीमती कमल रानी वरूण, सीताराम गोयल आदि लोगों की पूर्ण स्मृतियां आज भी मेरे हृदय में संयोजित है, आज जनपद में बहुत सारे लोग ऐसे है जो मुझसे जुडे हुए है सतीश मिश्रा, जय गोयल आदि के माध्यम से मुझे इस क्षेत्र के बारे में और यहां के लोगांे के बारे में निरंतर जानकारियां मिलती रहती है। उन्होंने कहा कि डा0 अवध दुबे ने नेत्र चिकित्सालय काफी समय पूर्व खोला था जो सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज हम सब वैश्विक महामारी कोरोना से जूझ रहे है, केन्द्र व प्रदेश सरकार इस महामारी को रोकने के लिए भरपूर प्रयास कर रहे है। इसे रोकने का एक मात्र उपाय यही है कि हम सावधानी बरते और इससे बचने के लिए टीकाकरण करायें, उत्तर प्रदेश जनसंख्या में सबसे बड़ा राज्य है, इसलिए यहां इस संक्रमण के फैलने का डर भी ज्यादा था, परन्तु राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और प्रयासों के कारण इस पर नियंत्रण पाने में सफलता मिल सकी है। उन्होंने इसके लिए मा0 राज्यपाल महोदया और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित प्रदेश में काफी युवा है, युवा किसी भी देश के भविष्य होते है, युवाओं के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा धनी राज्य है, युवाओं में काम करने की जो ललक होती है अन्य किसी भी वर्ग से तीव्र होती है, इसी लिए युवाओं को अपनी शक्ति पहचाननी चाहिए, अपने व्यक्त्वि व कृतित्व के माध्यम से मैं यह बता सकता हूॅ कि पुखरायां का युवा वर्ग काफी जागरूक है। इससे पूर्व उन्होंने पटेल चैक पर सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये।
इस अवसर पर मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने मा0 राष्ट्रपति जी का अभिनन्दन व स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मा0 राष्ट्रपति जी की माता का बचपन में ही स्वर्गवास होने के कारण कठिन व विपरीत परिस्थितियों के बाद इस क्षेत्र को अपना कर्मभूमि बनाया। उन्होंने शासकीय सेवा में जाने के बजाय जनसेवा व समाजसेवा को अपनाकर समाज के अंतिम छोर में बैठे व्यक्ति को सेवा प्रदान करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि मा0 राष्ट्रपति जी ने अधिवक्ता, सांसद व राज्यपाल पद के साथ दुनिया के सबसे बड़े लोकतन्त्र के प्रथम नागरिक के पद पर आसीन होकर हम सभी को गौरवान्वित कर रहे है। उन्हांेने कहा कि जब व्यक्ति का दायरा व कद बढ़ता है तो अपने साथ के लोगों से उसका सम्बन्ध विच्छेद हो जाता है लेकिन हमारे मा0 राष्ट्रपति जी के साथ ऐसा कभी नही रहा, उन्होंने जिस भी पद की गरिमा को बढ़ाया और जिन भी दायित्वों का निर्वहन किया अपने कृतित्व से उसकी गरिमा को बढ़ाने का कार्य किया, उनकी उपस्थिति से व पद गरिमामयी व गौरवमय हुआ, इस धरती ने एक ऐसे लाल को जन्म दिया है जिन्होंने जनसेवा को ही अपना लक्ष्य बनाया, अपने राष्ट्रधर्म के निर्वहन के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने मा0 राष्ट्रपति जी, देश की प्रथम महिला श्रीमती सविता कोविंद व उनके परिवारजनों का स्वागत व अभिनन्दन किया।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हुआ है, व्यवस्थायें कहीं न कहीं इससे प्रभावित हुई है। कोरोना वायरस वर्तमान में कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन समाप्त नही हुआ है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश कोरोना की लड़ाई लड रहा है, साथ ही जीवन और जीविका को बचाने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है, इस महामारी से बचाने का सबसे उत्तम तरीका सावधानी और सतर्कता है, इसके साथ ही हमेशा ध्यान रखना होगा कि ‘‘दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी‘‘। कोरोना से बचाने का सबसे मजबूत तरीका मास्क व टीकाकरण है। हर जनपद में गठित हमारी निगरानी समितियां घर-घर जाकर मरीजों की पहचान कर रही है और उनका पहचान कर उनको मेडिकल किट उपलब्ध करा रहीं हैं, टीकाकरण कोरोना से बचाव का सबसे उत्तम तरीका है इस लिए ज्यादा से ज्यादा लोग अपना टीकाकरण कराये और कोरोना से अपने को सुरक्षित करे। कोरोना टीका को हम सब लगवायेंगे और उससे भागेगे नही, इस तरीके से ही हम कोरोना को हरा सकते है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस अपना लगातार स्वरूप बदल रहा है, हमें इससे सतर्कता व सावधानी बरतना होगा। मा0 राष्ट्रपति को कानपुर देहात से अत्यन्त लगाव है, हम कानपुर देहात को एक नया मेडिकल काॅलेज दे रहे है, इसका शीघ्र निर्माण प्रारंभ हो जायेगा, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें देने के संकल्प के साथ हम और आगे बढ़ेंगे।
इससे पूर्व मा0 राष्ट्रपति अपने अभिन्न मित्र सतीश मिश्रा जी के घर गये और उनसे मुलाकात की और अपनी बचपन की स्मृतियों को ताजा किया। इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में विशिष्ट रूप से आमन्त्रित किये गये पुखरायां के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों से भेंट कर उनसे उनकी कुशलक्षेम भी पूछी।
इस अवसर पर मा0 राज्यपाल महोदया श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मा0 सांसद श्री भानु प्रताप वर्मा, विधायक भोगनीपुर श्री विनोद कटियार, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद श्री सत्यप्रकाश संखवार सहित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

2021-06-27
