मशालें बेचने वालो ने फुतपात पे बुरे तरह से कब्जा कर रख्खा है

प्रशासनिक व्यवस्था जब लचर होती हैं तो उसका खामियाजा जन्ता को ही भुगतना पड़ता हैं ईसका ताजा उदाहरण शुक्लागंज वाशियो को नवीन गंगा पुल पर देखने को मिल रही है ।पुराने पुल को अगर समय रहते उसकि समस्याओं को देखा गया होता तो जो दूरदसा उसकि हुई न होती ओर जनता कि तकलीफें तो किसी को कोई परवाह ही नही,चलना दूभर हो रहा है मशालें बेचने वालो ने फुतपात पे बुरे तरह से कब्जा कर रख्खा है ओर तो ओर सामने निकल रहे लोगों ने अगर कह दिया कि थोड़ा पिछे से बैठा करो तो लडने को तैयार है जैसा की फोटोज मे देख सक्ते है दूसरी तरफ शाम मे कानपुर झोर से मोमफली वालो का भी यही हाल है उन्होनें भी फूतपात बन्द कर देते है शाम मे पर योगी जी के सक्त निर्देशो के बाद भी अतिक्रमण कारियों के परति उनकि नरमी के आलम आप सब के सामने समय समय पर सामने आते रहते है ओर मजे कि बात ये है कि सभी उचय अधिकारी भी ईसी पुल का आवागमन करते है पर उनको दिखता नही है।।

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