इत्र कारोबारी पीयूष जैन को जीएसटी इंटेलीजेंस ने किया गिरफ्तार, करीब 280 करोड़ रुपये नकद बरामद

कानपुर के इत्र कारोबारी के घर छापेमारी के बाद से चल रही नोटों की गिनती और जांच के बाद रविवार रात पीयूष जैन को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि पीयूष के दोनों बेटे पहले से ही जीएसटी इंटेलीजेंस की हिरासत में हैं। बताया जा रहा है कि पीयूष जैन के कन्नौज और कानपुर के घर से कुल 280 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं। इसके अलावा कन्नाैज स्थित मकान से चंदन का तेल और नकद से भरे दाे ड्रम भी बरामद हुए हैं। जीएसटी इंटेलीजेंस टीम के द्वारा पीयूष जैन को गिरफ्तार किए जाने के बाद अभी उसके ठिकानों पर छापेमारी जारी रहेगी। एक अफसर के मुताबिक, यह छापेमारी अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी है जिसमें इतनी बड़ी संख्या में नकदी बरामद की गई है।

कार में रखकर लाए जाते थे नोट: पीयूष जैन (Piyush Jain) के घर में 177 करोड़ रुपये की गड्डियां यूं ही एकत्र नहीं हो गईं। रात के अंधेरे में गत्ते के कार्टून में रखकर नोटों की गड्डियां कार से लाई जाती थीं। कार को यूं तो सामान्य तौर पर गेट के बाहर रखा जाता था, लेकिन जब भी नोटों के बंडल लाते थे तो उसे सीधे अंदर ले जाकर गेट बंद कर लिया जाता था। कार खड़ी करने के इन तरीकों से ही अब आसपास के लोग ये अंदाजा लगा रहे हैं। ट्रिप्लेक्स मकान, उसमें सबसे ऊपर स्वीमिंग पूल होने के बावजूद पीयूष कभी घर के अंदर किसी को नहीं बुलाते थे।

पड़ोसियों को देर रात अक्सर दिखती थीं गाड़ियां : आनंदपुरी जैसे पाश इलाके में रात के अंधेरे में अक्सर गैरकानूनी गतिविधियां होती थीं। क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक, रात में देर तक टहलने वालों को अक्सर पीयूष जैन (Piyush Jain) के घर कार से गत्तों के कार्टून उतरते दिखते थे। ये गत्ते इतने बड़े होते थे कि कार की डिक्की में आ जाएं। मोहल्ले के लोगों को लगता था कि उनके कारोबार का कोई माल आया होगा, लेकिन कभी इतने बड़े गत्ते वापस बाहर जाते नहीं देखे। इसलिए अब लोगों को लग रहा है कि इनमें नोटों की गड्डियां आती रहीं होंगी।

सादगी के पीछे छिपा था काले धन का कुबेर : पीयूष के घर के ठीक सामने पार्क है और उसके सभी तरफ मकान हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सामान्य तौर पर पीयूष जैन आते थे तो अपनी कार से घर के बाहर ही उतर जाते थे। कार को सामान्य तौर पर गेट के बाहर सड़क पर ही खड़ा रहने दिया जाता था। आनंदपुरी जैसे क्षेत्र में वैसे भी रात में लगभग सभी लोगों की कारें घर के बाहर सड़क पर खड़ी रहती हैं, क्योंकि पूरा परिसर सुरक्षित होने से सभी लोग सुरक्षा को लेकर पूरी तरह आश्वस्त रहते हैं। क्षेत्रीय नागरिकों के अनुसार, पीयूष जैन (Piyush Jain) के लोगों से मिलनसार न होने का कारण भी अब सभी के समझ में आ रहा है। साफ है कि जो व्यक्ति अपने घर में 177 करोड़ रुपये रखे होगा, वह नहीं चाहेगा कि कोई उसके घर आए।

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