गंगा लिंक एक्सप्रेसवे की डी.पी.आर बनाये जाने को गति मिली एवं लखनऊ राजमार्ग 27 से बैराज बंधा मार्ग सुगम कनेक्टिविटी के लिए फ्लाईओवर का प्रस्ताव।
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कानपुर के शहरी आंतरिक क्षेत्रों के सुगम तीव्रगामी यातायात तथा गंगा बैराज क्षेत्र के लिए कानपुर के विभिन्न क्षेत्रों से संपर्क मार्ग हेतु प्रस्तावित गंगा लिंक एक्सप्रेसवे की डी.पी.आर राष्ट्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय द्वारा बनाये जाने के प्रस्ताव में गति लाने के लिए डॉ राजशेखर, आयुक्त कानपुर मंडल ने नीरज श्रीवास्तव, समन्वयक उच्च स्तरीय संयुक्त विकास समिति को गत दिवस दिल्ली भेजा था। नीरज ने मंत्रालय के अपर सचिव श्री अमित घोष को बताया कि, आयुक्त डॉ राजशेखर, पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, वी.सी. कानपुर विकास प्राधिकरण तथा मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग ने पूर्व प्रस्तावित अलाइनमेंट को मौके पर जाके देख लिया है जो की कानपुर शहर के आंतरिक क्षेत्रों में सुगम1 यातायात और राष्ट्रीय राजमार्ग 34 जी टी रोड से आन्तरिक क्षेत्रों मि कनेक्टिविटी के लिए बहुत उपयोगी है और कानपुर को इसकी बहुत बड़ी आवश्यकता है।
अपर सचिव ने संबंधित अधिकारियों को कार्यवाही के लिए निर्देश दिए हैं। इस परियोजना को गति मिल सके इस हेतु आज मंत्रालय के अपर सचिव श्री अमित घोष ने वर्चुअल मीटिंग की जिसमे क्षेत्रीय अधिकारी राष्ट्रीय राजमार्ग लखनऊ, पश्चिमी ,समन्वयक नीरज श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता/ अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग, तथा लखनऊ कानपुर तथा कन्नौज के परियोजना निदेशक एन एच ए आई मौजूद थे।
वर्चुअल बैठक में अपार सचिव ने प्रस्ताव को उपयुक्त मानते हुए इसकी डी. पी.आर बनाये जाने के लिए सिचाई विभाग एवं केंद्रीय जल आयोग इत्यादि से अनापत्ति लेने के लिए और इस संदर्भ में मुख्य सचिव स्तर पर एक बैठक कराए जाने के निर्देश डॉ राजशेखर को दिए हैं तथा क्षेत्रीय अधिकारी राजमार्ग को निर्देश दिए है कि कानपुर रिंग रोड परियोजना की डी. पी.आर में स्कोप ऑफ वर्क के अंतर्गत इसको उसी के साथ बनाये जाने के लिए परीक्षण करवा लें।
इस संबंध में समन्वयक नीरज श्रीवास्तव 30 दिसम्बर को मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन को लखनऊ जाकर अवगत कराएंगे।
दूसरे महत्वपूर्ण प्रस्ताव ,लखनऊ राजमार्ग 27 से बैराज मार्ग की ओर बदरका मोड़ से बायें से दायीं ओर मुड़ने वाला यातायात को जाजमऊ से लखनऊ की ओर जाने वाला यातायात बाधित करता है ,जो कि अब एक्सीडेंटल जोन बन चुका है। यहां पर फ्लाईओवर अथवा ग्रेड सेपरेटर की अत्यंत आवश्यकता है। इसके लिए भी नीरज ने अपर सचिव को दिल्ली में अवगत कराया था। इसकी भी उन्होंने वर्चुअल बैठक में समीक्षा की। बैठक में परियोजना निदेशक लखनऊ ने इसे आवश्यक बताया, अपर सचिव ने क्षेत्रीय अधिकारी पश्चिमी को इसकी भी डी पी आर बनाए जाने तथा कार्ययोजना में सम्लित करने के निर्देश दिए।
वर्चुअल मीटिंग में कानपुर रिंग रोडके पूर्व स्वीकृत अलाइनमेंट में आंशिक संशोधन उपरांत अलाइनमेंट की शीघ्र स्वीकृत कराए जाने हेतु डॉ राजशेखर ने अनुरोध किया, अपर सचिव ने अपने स्तर से इसकी शीघ्र समीक्षा करने का आश्वासन दिया।

