कानपुर। जीएसटी काउंसिल द्वारा ईंटों पर टैक्स दर बढ़ाने के प्रस्ताव के विरोध में कानपुर के भट्ठा मालिकों ने गांधी प्रतिमा फूलबाग मैदान पर धरना देकर प्रदर्शन करते हुए माननीय प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कानपुर नगर के माध्यम से सौंपा। यह जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम कानपुर ब्रिक क्लिन ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष
गोपी श्रीवास्तव ने दी! जिसमें कर की दर 01% है, जिसमें I.T.C. नहीं मिलती, इसे बढ़ाकर 06% किए जाने तथा सामान्य अवस्था में ईंटों पर कर की दर 05% है जिसे बढ़ाकर 12% किए जाने का प्रस्ताव काउंसिल ने किया है, जो अप्रैल-2022 से लागू की जायेगी। ईंट जैसी मूलभूत आवश्यकता की वस्तु पर 600 व 240 प्रतिशत टैक्स दर में वृद्धि निश्चय ही अनुचित, अव्यवहारिक है एवं व्यापार तथा जनता के साथ घोर अन्याय है।एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपी श्रीवास्तव की ओर से कहा गया है कि G.S.T. लागू होने के पूर्व ईंटों पर समाधान योजना प्रभावी थी, जिसमें ग्राहक से कर वसूल नहीं किया जाता था, इसलिए जनसाधारण को ईंटों पर कर देने की आदत नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि मिट्टी की दीवाल बनाकर घर बनाना अब समाप्त हो चुका है। आवास के लिए सर्वसुलभ विकल्प मात्र भट्ठों में निर्मित लाल ईंट ही है। इंट अब मानव जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं का अभिन्न तत्व है, इसलिए इसे करमुक्त किया जाना चाहिए, परन्तु सरकार जो जनहित सरोकारों की दुहाई देते नहीं थकती, ईंटों पर टैक्स दर 240 व 600 प्रतिशत तक बढ़ाने जा रही है। प्रधानमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर प्रस्तावित टैक्स दर में वृद्धि को वापस लेने वित्तमंत्री महोदया को निर्देशित करने की मांग की गयी है।धरना स्थल पर एसोसिएशन के चेयरमैन पप्पू शुक्ला, महामंत्री धनश्याम दास छाबड़ा, राकेश वर्मा, राजकुमार वधावन, विजय बदलानी, सूरज श्रीवास्तव, जमीयत राय, संदीप मिश्रा, इकबाल सिंह यादव, सोनू वधावन, हरिशंकर गुप्ता, शिखर मिश्रा व अन्य पदाधिकारियों सहित सैकड़ो भट्ठा मालिक उपस्थित थे।
2021-12-30
